
मथुरा कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामला: हिंदू पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की एक और कैविएट
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हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने मथुरा कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कैविएट दायर की है. कैविएट में हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अगर इस मामले में शाही ईदगाह कमेटी सुप्रीम कोर्ट आती है तो अदालत बिना उनका पक्ष सुने कोई आदेश न जारी करे.
मथुरा कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद पर हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में दूसरी कैविएट दाखिल की है. इससे पहले राष्ट्रीय हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की थी.
विष्णु शंकर जैन और विष्णु गुप्ता द्वारा दायर कैविएट में कहा गया है कि अगर शाही ईदगाह कमेटी या कोई और याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट के 18 याचिकाओं के सुनवाई योग्य होने और उन पर एक साथ सुनवाई के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में आता है तो अदालत बिना उनका पक्ष सुने कोई आदेश न जारी करे. इन याचिकाओं पर उनका भी पक्ष सुना जाए.
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस संबंध में 18 याचिकाओं को सुनवाई योग्य माना है, साथ ही उनकी एक साथ सुनवाई की अपील भी मान ली है.
ये हैं मुस्लिम पक्षकारों की दलील
अदालत के समक्ष हिंदू पक्षकारों की दलीलें हैं
आपको बता दें कि साल 2020 में वकील रंजना अग्निहोत्री और सात अन्य पक्षकारों ने मिलकर मथुरा सिविल कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया था. शुरुआत में इस याचिका को एक सिविल कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में जिला अदालत ने इसे ‘सुनवाई योग्य’ माना और ढाई साल के समय के बाद उसी अदालत में 17 अतिरिक्त याचिकाएं दायर की गईं. चूंकि मथुरा जिला अदालत में ही इन याचिकाओं पर अलग-अलग निचली अदालतें विभिन्न चरणों में सुनवाई कर रही थीं.

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