
भीलवाड़ा में 10 बच्चों का बाल विवाह, 1500 लोग हुए शामिल.... प्रशासन को भनक तक नहीं लगी
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मौजूदा वक्त में भी कुछ लोग बाल विवाह कराने से बाज नहीं आते हैं. ऐसा ही मामला एक भीलवाड़ा से आया है, जहां दस बच्चों का सामूहिक विवाह कराया गया. अब इसकी शिकायत प्रशासन से की गई है.
सरकार ने बाल-विवाह रोकने के लिए कड़े कानून का प्रावधान बना रखा है. इसके बाबजूद कई जगह बाल विवाह कुरीति थम नहीं रही है. ऐसा ही मामला राजस्थान के भीलवाड़ा से आया है, जहां एक ही परिवार के दस बच्चों का एक साथ बाल विवाह करवा दिया गया. हैरानी की बात यह है कि प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी. इस सामूहिक बाल विवाह में डेढ़ हजार से अधिक लोग शामिल हुए और भोज का आनंद लिया.
दरअसल, भीलवाड़ा में लांगरों का खेड़ा गांव में बुधवार को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था. जहां अलग-अलग जगह से बारात आई. इनमें से दस जोड़े नाबालिग थे, जिनकी गांव में बिंदोली भी निकाली गई. इन जोड़ों को स्टेज पर बिठाकर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई. सामूहिक बाल विवाह की सूचना मिलने पर भीलवाड़ा की बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन ने गुरुवार शाम को मांडल थाने में एफआईआर दर्ज कराई.
मांडल थानाधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन की एफआईआर दर्ज कर ली गई है. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9, 10 और 11 में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. बाल विवाह गैर जमानती अपराध है. अभी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इनपुट- (प्रमोद तिवारी)

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