
भारत से कनाडा तक Gang War, दो गैंग के बीच वर्चस्व की जंग... ऐसी है लॉरेंस और बंबीहा गैंग की दुश्मनी की Inside Story
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हत्या के मामले में दविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद वो जेल में कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया और फिर खतरनाक शार्प शूटर बन गया. लेकिन पंजाब पुलिस ने 9 सितंबर 2016 को बठिंडा जिले में 26 वर्षीय दविंदर बंबीहा को एक मुठभेड़ में मार गिराया था.
Lawrence Bishnoi & Bambiha Gang Enmity: जुर्म की दुनिया में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Gangster Lawrence Bishnoi) का सबसे बड़ा दुश्मन बंबीहा गैंग (Bambiha Gang) को माना जाता है. लॉरेंस और बंबीहा गैंग की लड़ाई में ना जाने कितने ही लोगों की जान जा चुकी है. जब-जब इन दोनों गैंग के लोग आमने-सामने आते हैं, तब-तब खून बहता है. इसी की ताजा मिसाल अब सामने है, बंबीहा गैंग के बदमाशों ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खास शूटर राजन का मर्डर कर दिया और उसकी लाश को जलाकर हरियाणा के यमुनानगर में ठिकाने लगा दिया.
बंबीहा गैंग के हमले में मारा गया राजन कुख्यात बदमाश था. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसकी हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट करके ली है. अब बताया जा रहा है कि राजन का मर्डर आतंकी गैंगस्टर अर्श डल्ला के इशारे पर किया गया है. हरियाणा पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई गैंग और बंबीहा गैंग के बीच ये अदावत बहुत पुरानी है. आइए आपको बताते हैं, इस दुश्मनी की पूरी कहानी.
बंबीहा गैंग की पूरी कहानी इस गैंग का सरगना मोगा जिले के बंबीहा गांव का रहने वाला था. जिसे जुर्म की दुनिया में लोग दविंदर बंबीहा के नाम से जानते थे. लेकिन उसका असली नाम दविंदर सिंह सिद्धू था. जुर्म की दुनिया में आने से पहले वह एक लोकप्रिय कबड्डी खिलाड़ी हुआ करता था. साल 2010 में जब वह कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था, तब उसका नाम एक क़त्ल के मामले में सामने आया था. यह वारदात उसके गांव में दो समूहों में हाथापाई के दौरान हुई थी. हत्या के मामले में दविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिसके बाद वो जेल में कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया और फिर खतरनाक शार्प शूटर बन गया. लेकिन 9 सितंबर 2016 को बठिंडा जिले के रामपुरा के पास गिल कलां में 26 वर्षीय दविंदर बंबीहा को एक मुठभेड़ में पंजाब पुलिस ने मार गिराया था. बंबीहा पर 15 से ज्यादा केस दर्ज हुए, जिसमें 6 मर्डर के थे.
अब कौन है बंबीहा गैंग का सरगना? दविंदर तो मर गया, लेकिन उसका गैंग जिंदा रहा. काम वैसे ही चलता रहा. दविंदर के एनकाउंटर के बाद गौरव पटियाल उर्फ लकी और सुखप्रीत सिंह बुडाह गैंग चलाते रहे. गौरव पटियाल ने गैंग संभाली और पंजाब का बड़ा गैंग्सटर बन गया. पटियाल चंडीगढ़ का रहने वाला है. और फिलहाल आर्मेनिया में बैठकर गैंग चला रहा है. खास बात ये है कि पटियाल पहले पुलिस के हत्थे चढ़ा, जेल गया और फिर आर्मेनिया भाग गया. कई साल से पंजाब पुलिस उसे भारत लाने की कोशिश में जुटी है. कोशिश अब तक असफल. बंबीहा गैंग का दूसरा सरगना मोगा जिले के कुसा गांव का रहने वाला सुखप्रीत सिंह बुडाह अभी संगरूर जेल में बंद हैं.
बंबीहा गैंग के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 300 से ज्यादा गैंगस्टर हैं. इस गैंग ने दिल्ली हरियाणा के गैंगस्टर और लॉरेन्स के धुर विरोधी सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और नीरज बवाना गिरोह से हाथ मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में भी अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया.
बिश्नोई गैंग से पुरानी दुश्मनी वैसे तो हर गैंग को अपने इलाके में दूसरे गैंग से दिक्कत होती है और ऐसा ही मामला बंबीहा गैंग का है. इसका सबसे बड़ा दुश्मन है बिश्नोई गैंग. दोनों की लड़ाई में कई हत्याएं हुई हैं. इन्हीं गैंग की दुश्मनी में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई.

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