
भारत जोड़ो न्याय यात्रा की राजस्थान में एंट्री, राहुल बोले- देश में 3 फीसदी लोग ही मुनाफा कमा रहे
AajTak
राजस्थान में दाखिल होने से पहले न्याय यात्रा यूपी के आगरा में थी. न्याय यात्रा राजस्थान से गुजरात, मध्य प्रदेश और फिर महाराष्ट्र की ओर बढ़ेगी. सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य भारत को एकजुट करना है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा रविवार शाम को राजस्थान में दाखिल हो गई है. धौलपुर में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में 'न्याय' शब्द जोड़ा गया है क्योंकि देश में कई तरह के अन्याय हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम देश के सामने यह बात रखना चाहते थे कि देश में केवल दो-तीन फीसदी लोग ही मुनाफा कमा रहे हैं और आम लोगों को प्रगति का कोई लाभ नहीं मिल रहा है.
राजस्थान में दाखिल होने से पहले न्याय यात्रा यूपी के आगरा में थी. न्याय यात्रा राजस्थान से गुजरात, मध्य प्रदेश और फिर महाराष्ट्र की ओर बढ़ेगी. सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य भारत को एकजुट करना है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं, किसानों और आम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है. बड़े उद्योगपतियों को सारा लाभ मिल रहा है और देश की बड़ी संपत्ति उन्हें सौंपी जा रही है. उन्होंने कहा कि किसान इसलिए आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि सरकार के बड़े-बड़े वादों के बावजूद उनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने कहा कि केवल वे बड़े उद्योगपति ही फल-फूल रहे हैं जिनके लिए भाजपा सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होना होगा और अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा.
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मौजूद रहे. थोड़े समय के अंतराल के बाद यात्रा 2 मार्च को धौलपुर से फिर शुरू होगी.
बता देें कि न्याय यात्रा रविवार को आगरा में थी. जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी यात्रा में शामिल हुए. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा शहर दुनिया में जाना जाता है. मुझे इस बात की खुशी है कि ये मोहब्बत की दुकान को लेकर चले हैं और यह पूरा शहर मोहब्बत का शहर है...आने वाले समय में लोकतंत्र और संविधान को बचाने की चुनौती हैं. हमें उम्मीद है कि INDIA गठबंधन और PDA की लड़ाई NDA को हराने का काम करेगी.
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि एक साल पहले भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक चली. हम समंदर के तट से चले और हिमालय तक हमारी यात्रा पहुंची. तब ये मैसेज सामने आया कि हम मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये देश नफरत का नहीं, मोहब्बत का देश है. हमारी पहली लड़ाई नफरत को खत्म करने की है. नफरत को मोहब्बत से ही खत्म किया जा सकता है.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






