
भारत जाने वाले हर यात्री की होगी सख्त से सख्त जांच... तनाव के बीच ट्रूडो सरकार का फैसला
AajTak
नाडा से भारत आने वाले हर यात्री की एयरपोर्ट पर और कड़ी सुरक्षा और स्क्रीनिंग की जाएगी. कनाडा की परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने इसका ऐलान किया. कनाडा की सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त लिया है, जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संकट बढ़ा हुआ है.
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए बेबुनियाद आरोप लगाने वाली ट्रूडो सरकार ने भारत के खिलाफ एक और कड़ा फैसला लिया है. अब कनाडा से भारत आने वाले हर यात्री की एयरपोर्ट पर और कड़ी सुरक्षा और स्क्रीनिंग की जाएगी.
कनाडा की परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने इसका ऐलान किया. कनाडा की सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संकट बढ़ा हुआ है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा से भारत आने वाले यात्रियों को लेकर इन नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में एयर कनाडा को बता दिया गया है. एयर कनाडा के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भारत जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं.
टोरंटो पीयर्सन इंटरनेशन एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया है कि भारत जाने वाले यात्रियों के लिए सिक्योरिटी स्क्रीनिंग सख्त कर दी गई है. एयरपोर्ट ने कहा कि सख्त जांच करने के कारण अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर सामान्य समय से ज्यादा वक्त तक इंतजार करना पड़ सकता है.
एयर कनाडा ने भी सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर ज्यादा वक्त लगने के कारण यात्रियों को डिपार्चर से चार घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी है.
कनाडा सरकार ने इसके पीछे सिक्योरिटी का हवाला दिया है. पिछले महीने ही नई दिल्ली से शिकागो जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इसके बाद फ्लाइट को कनाडा के इकालुइट में उतारा गया था. हालांकि, जांच के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला था.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.








