
भारत के इस कदम से सऊदी अरब को झटका; रूस, इराक की हुई चांदी
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भारतीय तेल बाजार से सऊदी अरब की हिस्सेदारी लगातार कम होती जा रही है. भारत को तेल निर्यात करने में दूसरे स्थान पर रहने वाला सऊदी अरब सितंबर महीने में तीसरे स्थान पर खिसक गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में भारत के कुल तेल आयात में सऊदी अरब की हिस्सेदारी घटकर 13 प्रतिशत रह गई है.
दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक देशों में से एक सऊदी अरब को भारत से बड़ा झटका लगा है. सितंबर महीने में भारत ने सबसे ज्यादा कच्चा तेल रूस और इराक से खरीदा है. जबकि आमतौर पर सऊदी अरब इराक के बाद भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश रहा है.
अंग्रेजी वेबसाइट 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में सऊदी अरब ने भारत को प्रतिदिन लगभग 5 लाख 56 हजार बैरल तेल निर्यात किया, जो अगस्त की तुलना में लगभग एक तिहाई कम है. वहीं, जनवरी 2022 से लेकर अगस्त 2023 तक सऊदी अरब ने औसतन साढ़े सात लाख बैरल प्रतिदिन तेल निर्यात किया था.
कमोडिटी मार्केट एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस फर्म Kpler के मुताबिक, इससे पहले अगस्त महीने में भारत ने रूस और इराक से कम तेल आयात किया था. जबकि सितंबर महीने में रूस और इराक से तेल आयात काफी बढ़ा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इराकी और रूसी तेल की कीमत सऊदी तेल की कीमत की तुलना में कम है. यही कारण है कि भारत ने सितंबर महीने में सऊदी तेल की कम खरीद की है.
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने सितंबर में इस साल सबसे कम तेल खरीदा है. क्योंकि तेल रिफाइनरी में मेंटेनेंस शटडाउन शुरू हो गया है.
रूस और इराक से तेल आयात में भारी बढ़ोतरी
इससे पहले अगस्त में भारत का रूसी तेल आयात पिछले सात महीने के निचले स्तर पर आ गया था. भारत ने अगस्त में रूस से सिर्फ 1.55 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया था. जो सितंबर में लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर 1.83 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है. वहीं, इराक से तेल आयात में भी लगभग 7.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है. भारत ने सितंबर महीने में इराक से लगभग 0.91 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा.

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