
भारतीय वायुसेना को 72 साल बाद मिला नया फ्लैग, एयर शो में दिखेगी लड़ाकू विमानों की ताकत
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भारतीय वायुसेना आज 91वां स्थापना दिवस मना रही है. इसको लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एयर शो हो रहा है, जिसमें लड़ाकू विमानों की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा. आज 72 साल बाद वायुसेना को नया फ्लैग भी मिला है, जिसे शानदार तरीके से ड्रोन के जरिए फहराया गया.
यूपी के प्रयागराज में वायुसेना आज शक्ति प्रदर्शन करेगी. आज 91वां स्थापना दिवस है. यहां 100 से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर फ्लाई पास्ट में शामिल होने जा रहे हैं. बम्हरौली स्थित वायु कमान के मुख्यालय पर परेड, फ्लाई पास्ट और अन्य कार्यक्रम किए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीआर चौधरी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हो रहे हैं.
आज सुबह 7:40 बजे से 9:50 बजे तक बम्हरौली में परेड और फ्लाई पास्ट किया गया. परेड में पहली बार महिला अग्निवीर भी शामिल हो रही हैं. इसके साथ ही 72 साल बाद वायुसेना को नया ध्वज भी मिला है.
लगभग दोपहर 2 बजे से संगम के आसमान में वायुसेना के विमान हैरतंगेज करतब दिखाएंगे. वायुसेना के इस एयर शो में पहली बार राफेल और तेजस लड़ाकू विमानों के साथ थलसेना का ध्रुव हेलीकॉप्टर और नौसेना का 81 लड़ाकू विमान भी शामिल होगा. वहीं, राफेल को रक्षा कमान सौंपकर आज मिग 21 विदाई लेगा.
प्रयागराज में वायु वीर दमखम दिखाने जा रहे हैं. यहां राफेल, जगुआर, सुखोई और मिग विमान आसमान में कलाबाजी करते दिखेंगे. यहां वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी ने एयरफोर्स ने नए फ्लैग का अनावरण किया. इस ऐतिहासिक मौके पर ड्रोन के जरिए नए झंडे को आसमान में फहराया गया.
कब हुई थी एयरफोर्स की स्थापना?
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान वायुसेना की ताकत को देखते हुए मार्च 1945 में फोर्स को 'रॉयल' उपाधि दी गई, जिसके बाद Royal Indian Air Force (RIAF) नाम मिला. इसके बाद साल 1950 में जब भारत एक गणतंत्र बना तो IAF ने 'रॉयल' उपाधि हटा दी और फ्लैग में संशोधन किया.

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