
भगोड़े माल्या-नीरव पर बोले बोरिस जॉनसन- UK में इनके लिए जगह नहीं, भारत को सौंपना चाहते हैं
AajTak
दो दिन के भारत दौरे पर आए ब्रिटेन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि अगले हफ्ते से कीव में एक बार फिर ब्रिटेन का दूतावास खोल दिया जाएगा. प्रेस वार्ता के दौरान बोरिस जॉनसन ने जोर देकर कहा कि इस मुश्किल समय में भारत संग उनके रिश्ते और ज्यादा मजबूत हुए हैं.
दो दिन के भारत दौरे पर आए ब्रिटेन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बड़ा बयान दिया है. जब उनसे भगोड़े नीरव मोदी और विजय माल्या पर सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि वे उन दोनों को भारत को सौंपना चाहते हैं.
विजय माल्या-नीरव मोदी पर जॉनसन
उन्होंने कहा कि आपने जिन दो लोगों की बात की है, हम उन्हें वापस भारत भेजना चाहते हैं. लेकिन इसमें कुछ कानूनी पेंच हैं. हम तो कभी भी उन लोगों का स्वागत नहीं करना चाहते जो कानून से बचने के लिए हमारे देश में आते हैं. इसी कड़ी में ब्रिटेन में सक्रिय कुछ खालिस्तानी संगठनों पर भी जॉनसन ने साफ कर दिया है कि उनकी तरफ से एंटी टेररिस्ट टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है और उचित कार्रवाई की जाएगी.
इस सब के अलावा बातचीत के दौरान बोरिस जॉनसन ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते से कीव में एक बार फिर ब्रिटेन का दूतावास खोल दिया जाएगा. प्रेस वार्ता के दौरान बोरिस जॉनसन ने जोर देकर कहा कि इस मुश्किल समय में भारत संग उनके रिश्ते और ज्यादा मजबूत हुए हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर बड़ा बयान
बोरिस जॉनसन ने कहा है कि मैं सबसे पहले यूक्रेन पर बात करना चाहता हूं. मारियूपोल में जिस तरीके की कार्रवाई की गई है, वो पूरी तरह रूस के खिलाफ जाती है. लेकिन फिर भी अब हम कीव में फिर अपना दूतावास खोलने जा रहे हैं. इस सब के अलावा बोरिस जॉनसन ने रूस-भारत के रिश्तों पर भी विस्तार से बात की. जब उनसे भारत के स्टैंड को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि भारत के रूस संग काफी पुराने रिश्ते हैं. रूस को लेकर भारत का जो स्टैंड रहा है, वो सभी को पहले से पता है. वो आगे भी नहीं बदलने वाला है.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.






