
बॉलीवुड की रामायण रेस! फ्लॉप, डब्बाबंद, विवादित प्रोजेक्ट्स में असली विनर बनेगी रणबीर की फिल्म
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नमित मल्होत्रा की रामायण से, भगवान राम के रोल में रणबीर का लुक आना एक बहुत बड़ा मोमेंट होगा. बॉलीवुड में कुछ साल पहले अचानक से रामायण पर फिल्में बनाने की होड़ शुरू हुई थी. इसकी शुरुआत नमित मल्होत्रा की रामायण से हुई थी. क्या आपको इस रामायण रेस की कहानी पता है?
पिछले करीब एक दशक से बॉलीवुड का सबसे चर्चित फिल्म प्रोजेक्ट रामायण आखिरकार बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है. 2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर रामायण से मर्यादा पुरुषोत्तम राम का टीजर रिवील होगा. और इसके साथ एक रेस पूरी हो जाएगी— बॉलीवुड की रामायण रेस. दिलचस्प ये है कि डायरेक्टर नितेश तिवारी की रामायण असल में इस रेस की सबसे पहली खिलाड़ी थी और इसने सबसे अंत में ये रेस पूरी की है. क्या आपको बॉलीवुड की ये रेस याद है?
नमित मल्होत्रा की रामायण का पहला टीजर लॉस एंजेलिस की एक स्पेशल स्क्रीनिंग में दिखाया जा चुका है. देखने वालों ने सोशल मीडिया पर इसकी शान में कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए हैं. इस टीजर के रंग में इंडिया के डूबने से पहले, बॉलीवुड की रामायण रेस के बारे में जानने से आपको ये बेहतर समझ आएगा कि नमित मल्होत्रा की रामायण क्यों एक लैंडमार्क प्रोजेक्ट है.
बॉलीवुड में किस वजह से शुरू हुई रामायण की रेस? रामायण या राम कथा भारत के सांस्कृतिक तानेबाने में बुनी हुई है. पौराणिक कहानियां जनता के बीच तो हमेशा से ही हैं, मगर रियल लाइफ घटनाएं कहानियों के लिए एक सांस्कृतिक संदर्भ बुन देती हैं. 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद वाले विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई शुरू की, जिसमें कई बड़े नेताओं के नाम थे.
उसी साल कोर्ट ने अयोध्या विवाद के मुख्य मामले की सुनवाई भी शुरू की. ये मामला वैसे भी इंडियन पॉलिटिक्स का एवरग्रीन मुद्दा रहा है, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में. क्योंकि ये मोदी और भाजपा की पॉलिटिक्स में शुरू से सेंटर में रहा. 2019 में कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया. उसी साल देश में चुनाव भी होने थे, पहले से पॉलिटिकल रहा ये मुद्दा और बड़ा हो गया.
2017 में ही माइथोलॉजी जैसा फील देने वाली बाहुबली 2 ने कमाई के ऐसे-ऐसे लैंडमार्क बनाए कि फिल्म बिजनेस के उस्ताद लोग भी आंकड़े देखकर आंखें मलने लगे. कई साल बाद करण जौहर ने बताया भी कि बाहुबली 2 से पहले किसी को आइडिया ही नहीं था कि इंडियन बॉक्स ऑफिस फिल्मों को कितना कलेक्शन दे सकता है. और ये तो ट्रेंड है ही कि कामयाब फॉर्मूले को हर प्रोड्यूसर भुना लेना चाहता है.
वक्त, हालात, जज़्बात और फिल्म बिजनेस की बढ़ चुकी औकात ने माइथोलॉजी या पौराणिक कहानियों को बड़ी स्क्रीन पर उतारने का परफेक्ट माहौल बना दिया. दूसरी तरफ कोर्ट से लेकर पॉलिटिक्स तक भगवान राम, रामायण और राम मंदिर पर दो-तीन सालों में इतना कुछ हुआ कि ये सबसे ज्यादा इंटरेस्ट का मुद्दा बन गया. दोनों बातों ने मिलकर बॉलीवुड में रामायण रेस की शुरुआत कर दी.













