
बैरक में एंट्री, धारदार हथियार से हमला और दो कैदियों का कत्ल... पंजाब की संगरूर जेल में खूनी झड़प की क्या है कहानी?
AajTak
पंजाब की संगरूर जेल (sangrur jail) में कैदियों के बीच खूनी झड़प हुई है. यहां 9 कैदियों ने मिलकर चार कैदियों पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल कैदियों को संगरूर के अस्पताल में ले जाया गया, जहां 2 कैदियों की इलाज दौरान मौत हो गई है. वहीं 2 को पटियाला के लिए रेफर कर दिया गया है.
Punjab News: संगरूर जेल (sangrur jail) में बंद कैदी आपस में इतनी जबरदस्त तरीके से भिड़ गए, जिसमें दो कैदियों की मौत हो गई. वहीं दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें पटियाला रेफर किया गया है. डीआईजी जेल और संगरूर पुलिस की तरफ से पूरे मामले की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कैदियों के बीच हुई झड़प को लेकर पुलिस घटना की जांच में जुटी है.
जानकारी के अनुसार, संगरूर जेल में कल शाम को 7 बजे जब कैदियों की गिनती करने के बाद बैरक में बंद किया जा रहा था, उसी समय एक बैरक से निकले 10 कैदियों (prisoners) ने दूसरी बैरक में मौजूद चार कैदियों पर जानलेवा हमला कर दिया. पुलिस का कहना है कि कैदियों के बीच झगड़ा आपसी रंजिश के चलते हुआ है. पहले ये सभी एक ही बैरक में बंद थे. इनमें से ज्यादा पर धारा 302 के तहत मामले दर्ज हैं.
यह भी पढ़ें: 'केजरीवाल को नहीं मिल रही दवा, घर का खाना रोकने की साजिश', जेल में आलू-पूड़ी खाने के दावे पर AAP का बयान
जैसे ही संगरूर जेल से सूचना मिली कि कुछ कैदी (prisoners) आपस में भिड़ गए हैं. इसके बाद जेल के डॉक्टर ने चार कैदियों को संगरूर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. संगरूर के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार, दो कैदियों की मौत अस्पताल आने से पहले ही हो चुकी थी. वहीं अन्य दो के शरीर में गंभीर चोटें हैं, जिनको पटियाला के राजेंद्र हॉस्पिटल में रेफर किया गया है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









