
बिहार में जहरीली शराब से मौत! RJD का सवाल, आखिर अपनी जिद से कितने लोगों को मरवाएंगे नीतीश कुमार
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बिहार में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि इन लाेगों ने शराब पी थी इसके बाद तबीयत बिगड़ी. परिजनों का आरोप है कि सभी की मौत जहरीली शराब की वजह से हुई है वहीं प्रशासन परिजनों के आरोप को नाकार रहा है. सबसे ज्यादा मौत बांका जिले में हुई हैं.
जहरीली शराब से हो रही मौतों को लेकर बिहार में पक्ष-विपक्ष ने सीएम नीतीश कुमार को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. बिहार बीजेपी के SC/ST के प्रदेशाध्यक्ष अजीत चौधरी और राजद नेता शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार से शराबबंदी कानून को वापस लेने के लिए कहा है.
बीजेपी के SC/ST के प्रदेशाध्यक्ष अजीत चौधरी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून वापस ले लेना चाहिए. जिस तरह नदी की धार को कोई नहीं रोक सकता उसी तरह शराबी को शराब पीने कोई नहीं रोक सकता. इसलिए सीएम नीतीश कुमार अब अपनी जिद छोड़ दें. और शराबबंदी कानून को वापस लें. उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी गलतियों को छिपाने के लिए झूठ बोल रहे हैं कि शराब से किसी की मौत नहीं हो रही.
शराबबंदी को लेकर कैबिनेट में लाया जाए प्रस्ताव
वहीं, राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा की अपनी जिद से कितने लोगों को मरवाएंगे सीएम नीतीश कुमार. प्रशासन के कुछ भी कहने से क्या होगा. भाजपा किस मुंह से इसका विरोध कर रही है. अगर सच में वो चाहती है कि ये कानून वापस हो तो कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए. खाली बोलने से कुछ नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश को शराबबंदी कानून वापस ले लेना चाहिए.
क्या बोले जदयू प्रवक्ता
उधर, जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में जो मौतें हुई हैं वो शराब से हुई हैं या नहीं, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. लेकिन कुछ लोग इसे लेकर पॉलटिकल ट्रायल चला रहे हैं.

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