
बिहार के नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा, नीतीश कैबिनेट ने लगाई मुहर
AajTak
सीएम नीतीश कुमार की बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का फैसला लिया गया है. परीक्षा पास करने के बाद सभी उत्तीर्ण शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त हो जाएगा.
बिहार में करीब पौने चार लाख नियोजित शिक्षक लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा पाने की मांग कर रहे थे. लोकसुभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने इसपर मुहर लगा दी है. आज 16 दिसंबर को नीतीश कैबिनेट की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है. इस बैठक में बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 को मंजूरी मिली है. अबसे बिहार में जितने भी नियोजित शिक्षक हैं, वो विशिष्ट शिक्षक की श्रेणी में शामिल होंगे.
हालांकि सभी शिक्षक राज्यकर्मी तब कहलाएंगे जब वह बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित सक्षमता परीक्षा को पास कर लेंगे. ऐसे पौने 4 लाख शिक्षक यह परीक्षा देंगे. रिजल्ट आने पर इसमें उत्तीर्ण होने वाले सभी शिक्षकों विशिष्ट शिक्षक का दर्जा दे दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि जल्द ही शिक्षा विभाग की ओर से सक्षमता परीक्षा आयोजित की जाएगी. उसके बाद नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दे दिया जाएगा.
इस फैसले के साथ-साथ कैबिनेट में 29 और एजेंडा पर मुहर लगाई गई है. शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक को खाली पदों पर दो महीने के भीतर भर्ती करने का निर्देश दिया था और कहा थी कि राज्य के सभी नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर देंगे. दूसरी तरफ जिन नियोजित शिक्षकों ने बीपीएससी परीक्षा पास कर ली है, उन्हें परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी.
इसके अलावा 17 से 18 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को वरीयता का भी लाभ मिल सकता है. बता दें कि शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को क्रिसमस की छुट्टी होने के बावजूद इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर लिया गया था और मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया गया.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.










