
बाथरूम में मोबाइल, बाहर खड़ा था सफाईकर्मी... दिल्ली IIT में छात्राओं के वीडियो बनाने के कांड से मचा हड़कंप
AajTak
दिल्ली पुलिस ने आईआईटी के एक चपरासी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह लेडीज बाथरूम में चुपके से मोबाइल छुपाकर रख देता था और छात्राओं की अश्लील वीडियो बनाता था. एक छात्रा ने उसे ऐसा करते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया. जिसके बाद थाने में तहरीर दी. फिलहाल चपरासी को कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
राजधानी दिल्ली के फेमस भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में पढ़ने वाली लड़कियों के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे सुनकर इंसानियत शर्मसार हो जाए. यहां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम कर रहे 20 साल के स्वीपर ने एक बार नहीं बल्कि कई बार छात्राओं के बाथरूम में जाकर उनके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए. छात्राओं को पहले तो कभी इस बात की भनक नहीं लग पाई.
लेकिन छात्राओं को बीते कुछ दिनों से शक होने लगा कि जब भी वे बाथरूम में जाती हैं तो कोई उनकी चुपके से तस्वीरें लेता है. लेकिन एक छात्रा ने उसे एक दिन ऐसा करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. दरअसल, छात्रा को स्वीपर पर पहले से ही शक होने लगा था. फिर जब वह एक दिन बाथरूम गई तो उसे लगा कि कोई उसके पीछे आ रहा है.
पहले उसने कुछ नहीं किया. लेकिन छात्रा ने फिर बाथरूम में रखा मोबाइल देख लिया. उसने देखा कि चपरासी भी बाथरूम के बाहर खड़ा है. छात्रा तुरंत मोबाइल लेकर बाहर आई. उसने चपरासी से इसे लेकर सवाल किए. स्वीपर पहले बहानेबाजी बनाने लगा. लेकिन लड़की ने और भी छात्राओं को वहां एकत्रित कर लिया. उसके फोन पर छात्राओं की तस्वीरें थी.
इसके बाद छात्रा ने 7 अक्टूबर के दिन थाने में आरोपी स्वीपर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. पुलिस भी तुरंत एक्शन में आई और चपरासी को गिरफ्तार कर लिया. फिर कोर्ट में उसे पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले में कार्रवाई जारी है. वहीं, इस घटना के बाद से दिल्ली IIT की छात्राओं में दहशत का माहौल है.
पुलिस ने बताया कि छात्राओं ने बताया है कि चपरासी पहले से ही मोबाइल को बाथरूम में रखकर चला जाता था. बाद में वह सबसे नजरें बचाकर बाथरूम में जाता. फिर मोबाइल वापस ले आता. ऐसा वह कितने दिनों से कर रहा है ये किसी को भी नहीं पता. फिलहाल इसे लेकर जांच की जा रही है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








