
बांग्लादेश में हिंदू अधिकारियों की लिस्ट बनाने का खुला राज, एक्सपर्ट ने जताया डर
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बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद आए दिन हिंदुओं पर हमले की खबरें आ रही हैं. इसी बीच राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन ने सरकार में काम कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है. एक्सपर्ट्स भी इसे लेकर चिंता जता रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार धार्मिक आधार पर भेदभाव कर रही है.
हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की खबरों के बीच बांग्लादेश के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन ने देश में हिंदुओं की सुरक्षा की चिताएं और बढ़ा दी है. नोटिफिकेशन में बांग्लादेश के मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ हिंदू अधिकारियों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है और कहा है कि इसके जरिए बांग्लादेशी सरकार नस्ल के आधार पर अधिकारियों से भेदभाव कर रही है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से पिछले हफ्ते 29 अगस्त को एक नोटिफिकेशन जारी कर वरिष्ठ हिदू अधिकारियों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई थी. कई मंत्रालयों और विभागों ने भी इसी तरह का नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें टेक्सटाइल एंड जूट मंत्रालय भी शामिल था. नोटिफिकेशन के सामने आते ही हिंदू अधिकारियों में डर फैल गया.
नोटिफिकेशन पर सरकार की सफाई
हालांकि, इंडिया टुडे से बात करते हुए बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के टेक्सटाइल और जूट सलाहकार रिटायर ब्रिगेडियर जनरल शेखावत हुसैन ने कहा कि हिंदू अधिकारियों को चिंता करने की कोई बात नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह रुटीन काम है और राष्ट्रपति भवन बंगभवन की तरफ से ये नोटिफिकेशन जारी किया जाता है ताकि दुर्गा पूजा दशमी के लिए हिंदू अधिकारियों को राष्ट्रपति का न्योता दिया जा सके.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन हर साल दुर्गा पूजा दशमी की पूजा का आयोजन करते हैं और नोटिफिकेशन में अधिकारियों से उनकी निजी जानकारी इसलिए मांगी गई ताकि उनके आयोजन में शामिल होने के लिए एक लिस्ट बनाई जा सके.

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