
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर भड़कीं तसलीमा नसरीन
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बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका और इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पर निशाना साधा है और सिलसिलेवार ट्वीट्स में वे इस घटना के बारे में लगातार बात कर रही हैं.
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर दुर्गा पूजा से शुरू हुए हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. दुर्गा पूजा के पंडालों में हुए अटैक के बाद बीते रविवार को रंगपुर में उपद्रवियों ने कई हिंदुओं के घर जला दिए. इसके बाद से ही बांग्लादेश की सरकार की आलोचना हो रही है. बांग्लादेश की लेखिका और इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर रहने वाली तसलीमा नसरीन ने इस घटना को लेकर सिलसिलेवार ट्वीट्स किए हैं और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पर भी निशाना साधा है. Hasina is celebrating today her brother Sheikh Russel's birth annivrrsary when thousands of Hindus are homeless after their houses were demolished or burnt down. Last night in Pirganj, Rangpur, Bangladesh. Two Hindu villages were burnt down by jihadis. Hasina was playing flute. pic.twitter.com/ErRQQcbhH5 Bangladesh's new name is Jihadistan. Hindu's puja pandals,idols,temples, houses, shops have been vandalised by Jihadis all over the country. Media was asked to be silent about Hindu persecution by PM Hasina. She has been the mother of Jihadis and the queen of Jihadistan.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








