
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ आया मोहन भागवत और बाबा रामदेव का रिएक्शन
AajTak
आरएसएस चीफ मोहन भागवत और योग गुरु बाबा रामदेव ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर बयान दिया है. संघ प्रमुख ने कहा है कि दुनिया में हमेशा ऐसे लोग होते हैं, जो दूसरे देशों पर हावी होना चाहते हैं. हमें सतर्क और सावधान रहना होगा और उनसे खुद को बचाना होगा.
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद से वहां के हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसे में बांग्लादेश के साथ-साथ भारत में भी इसका विरोध हो रहा है. इसी क्रम में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी बांग्लादेशी हिंदुओं के पक्ष में आवाज उठाई है.
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा,'वहां (बांग्लादेश में) रहने वाले हिंदुओं को बिना किसी कारण के हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है. ये सुनिश्चित करना हमारे देश की जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करे कि उन्हें किसी भी अन्याय और अत्याचार का सामना न करना पड़े.' यह बातें संघ प्रमुख ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नागपुर के महल इलाके में कहीं. उन्होंने गुरुवार को आरएसएस मुख्यालय में तिरंगा भी फहराया.
सतर्क और सावधान रहना होगा
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह स्वतंत्रता के स्व की रक्षा करे. क्योंकि दुनिया में हमेशा ऐसे लोग होते हैं, जो दूसरे देशों पर हावी होना चाहते हैं. हमें सतर्क और सावधान रहना होगा और उनसे खुद को बचाना होगा. स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती. कभी-कभी यह अच्छी होती है, जबकि कभी-कभी यह इतनी अच्छी नहीं होती. उन्होंने कहा कि ये उतार-चढ़ाव चलते रहेंगे.
हिंसा का सामना कर रहे हैं हिंदू
मोहन भागवत ने कहा हम अब स्थिति देख सकते हैं. पड़ोसी देश में बहुत हिंसा हो रही है और वहां रहने वाले हिंदू बिना किसी कारण के हिंसा का सामना कर रहे हैं. भारत में दूसरों की मदद करने की परंपरा है. हमने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया, बल्कि उन लोगों की मदद की, जो हमारे साथ कैसा भी व्यवहार करते हैं. हमें यह देखना होगा कि हमारा देश सुरक्षित रहे और साथ ही साथ अन्य देशों की भी मदद करनी होगी.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












