
बांग्लादेश में हड़ताल और कामबंदी, वेतन देने के पैसे नहीं... चुनाव भी लटक गया, यूनुस बोले- युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है देश!
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बांग्लादेश की स्थिति डंवाडोल है. सचिवालय में प्रदर्शन हो रहा है, राजस्व अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं और आज से प्राथमिक शिक्षकों ने भी अनिश्चित काम के लिए कामबंदी की घोषणा कर दी है. इस बीच मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि देश युद्ध से हालात से गुजर रहा है. पहले दिसंबर 2025 तक चुनाव करवाने की बात कहने वाले यूनुस ने अब कहा है कि जून 2026 तक चुनाव करवाए जाएंगे.
बांग्लादेश में स्थितियां तनावपूर्ण बनी हुईं हैं. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की नीतियों के खिलाफ नागरिक प्रशासन और व्यापार क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. ढाका शहर में बैचेनी की स्थिति है और लोगों को अनहोनी की आशंका सता रही है.
इस बीच एक प्रमुख व्यापारिक समुदाय के नेता शौकत अजीज रसेल ने कहा कि देश में व्यापारियों को उसी तरह मारा जा रहा है जैसे 1971 के मुक्ति संग्राम में बुद्धिजीवियों को मारा गया था. उन्होंने अकाल जैसी स्थिति की चेतावनी दी क्योंकि अधिक लोग बेरोजगार हो रहे हैं. बांग्लादेश टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन (बीटीएमए) के अध्यक्ष रसेल ने व्यापार मंडलों की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमें नहीं पता कि ईद-उल-अजहा से पहले हम श्रमिकों को बोनस और वेतन कैसे देंगे."
शौकत अजीज रसेल ने कहा है कि सरकार निवेशकों को बुला रही है, लेकिन विदेशी जानते हैं कि बांग्लादेश में निवेश का विकल्प सही नहीं हैं वे जानते है कि बांग्लादेश से ज्यादा लाभकारी वियतनाम है.
बांग्लादेश सचिवालय में प्रदर्शन, राजस्व कर्मचारियों ने काम बंद किया
इस बीच, सरकारी कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन रविवार को बांग्लादेश सचिवालय के अंदर विरोध प्रदर्शन किया, जो प्रशासन का केंद्र है. यह विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित सरकारी सेवा (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के खिलाफ किया गया.
प्रदर्शनकारी इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने इसे एक काला कानून बताया है, जिससे अधिकारियों के लिए दंडात्मक कार्रवाई करना और सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करना आसान हो गया है.

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