
बांग्लादेश की सेना और यूनुस सरकार में टकराव? आर्मी ने दी सफाई
AajTak
बांग्लादेश की सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के साथ पूर्ण एकजुटता की बात की. सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मां और सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच कोई मतभेद नहीं है. ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद नाज़िम-उद-दौला ने मीडिया की अफवाहों को खारिज किया.
बांग्लादेश की सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मां और अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि सरकार के साथ हर कदम पर सेना एकजुट है. सरकार और सेना में तालमेल बना हुआ है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में सेना पूरा सहयोग कर रही है. सरकार से कोई मतभेद नहीं, सभी मोर्चों पर मिलकर काम हो रहा है.
सेना मुख्यालय से प्रेस कॉन्फ्रेंस
सेना मुख्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस दौरान ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद नाज़िम-उद-दौला ने कहा कि सेना और सरकार मिलकर काम कर रही है. दोनों एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम कर रहे हैं. देश की संप्रभुता दोनों की जिम्मेदारी है. दोनों को इसे साथ मिलकर आगे बढ़ाना है.
मीडिया में चल रहे अटकलों को किया खारिज
ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद ने मीडिया में चल रहे वाकर और यूनुस के बीच मतभेदों के दावे को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार और सेना के बीच कोई टकराव नहीं चल रहा है. दोनों मिलकर देश के प्रगति के लिए काम कर रहे हैं. ऐसा कहना गलत होगा कि दोनों पक्षों के बीच कोई दरार है.
अगर कभी टकराव या मतभेद या असहमति हो भी जाता है तो परिवार की तरह इसे सुलझा लिया जाता है.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?








