
बहन की विदाई हो या कोई मन्नत... खुशी-खुशी कांटों की सेज पर लेटता है यह समाज!
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अपने आपको पांडवों का वंशज कहने वाले रज्जड़ समाज के लिए अपनी मन्नत पूरी कराने और बहन की विदाई करने के लिए लोग खुशी-खुशी कांटों की सेज पर लेटते हैं.
मध्य प्रदेश के बैतूल के एक गांव में अंधविश्वास की परम्परा के चलते लोग 21वीं सदी में भी कांटों पर लेट कर परीक्षा देते हैं. आस्था के नाम पर एक दर्दनाक खेल खेला जा रहा है. अपने आपको पांडवों का वंशज कहने वाले रज्जड़ समाज के लिए अपनी मन्नत पूरी कराने और बहन की विदाई करने के लिए लोग खुशी-खुशी कांटों की सेज पर लेटते हैं.

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