
'बदला नहीं लेंगे...लेकिन कानून अपना काम करेगा', शहबाज के भाषण में इमरान के लिए बड़ा संदेश
AajTak
Pakistan News: पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में इमरान खान के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 174 वोट डाले गए यानी इमरान खान ने सत्ता गंवा दी है. अब विपक्षी दलों के नेता शाहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री होंगे.
अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सत्ता से रुखसत हुए इमरान खान को बड़ा संदेश दिया है. रविवार रात पाक नेशनल असेंबली में भाषण देते हुए विपक्षी दलों के नेता ने कहा कि हम किसी के साथ ज्यादती नहीं करेंगे और न ही बिना वजह बेकसूर लोगों को जेल भिजवाएंगे, लेकिन कानून अपना काम जरूर करेगा.
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता शाहबाज ने कहा, पाकिस्तान की करोड़ों मां-बहनों, बुजुर्गों की दुआएं अल्लाह ने कुबूल की हैं. पाकिस्तान में आज एक नई सुबह की शुरुआत होने वाली है. हम पाकिस्तान को कायदे आजम का पाकिस्तान बनाएंगे. अपने भाषण में शाहबाज ने विपक्षी दलों के संघर्ष की तारीफ में कहा कि ऐसी मिसालें पाकिस्तान में बहुत कम देखने को मिलती हैं.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.







