
बड़े भाई के परिवार को खत्म कराने के आरोप, अकूत संपत्ति के मालिक... कौन हैं पूर्व राजा ज्ञानेंद्र जिनकी वजह से मचा नेपाल में बवाल
AajTak
अगर नेपाल में कोई शख्स सबसे ज्यादा रहस्यमयी है, जिसके बारे में लोग कम जानते हैं तो वो पूर्व राजा ज्ञानेंद्र हैं. कई मामलों में उन पर उंगली उठी, लेकिन आरोपों का सच कभी सामने नहीं आ पाया. आज जनता जिस राजा ज्ञानेंद्र को वापस लाओ मुहिम के पीछे खड़ी है, वो सबसे विवादास्पद शख्सियत रहे हैं.
नेपाल में फरवरी में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने जिस चिंगारी के बीज बोए, वो बीते शुक्रवार को फट पड़ी. काठमांडू में हजारों लोग इस मांग के साथ हिंसा पर उतर आए कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाओ. नेपाल में फिर से राजा का दौर लाओ. पूर्व राजा ने नेपाल की जनता से सीधे तौर पर समर्थन मांगा था, जिसके बाद जनता सड़कों पर उतर आई. 2 लोग मारे गए. कई इमारतों को आग लगा दी गई. फिलहाल नेपाल में शांति है. कर्फ्यू हट गया है, लेकिन इस बात की गारंटी नहीं कि शांति बनी रहेगी. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं पूर्व राजा ज्ञानेंद्र... जिनकी एक अपील पर 10 हजार लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसा की.
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र के लिए भले ही आज नेपाल में समर्थन दिख रहा हो, लेकिन वो बेहद चर्चित और विवादास्पद भी रहे हैं. सत्ता से 16 साल से दूर हैं, लेकिन उनकी तूती बोलती है. हालांकि उन पर कई संगीन आरोप लगे हैं. जैसे भतीजे के जरिये अपने भाई राजा वीरेंद्र के पूरे परिवार को खत्म करा देने का आरोप.
अगर नेपाल में कोई शख्स सबसे ज्यादा रहस्यमयी है, जिसके बारे में लोग कम जानते हैं तो वो पूर्व राजा ज्ञानेंद्र हैं. कई मामलों में उन पर उंगली उठी, लेकिन आरोपों का सच कभी सामने नहीं आ पाया. आज जनता जिस राजा ज्ञानेंद्र को वापस लाओ मुहिम के पीछे खड़ी है, वो सबसे विवादास्पद शख्सियत रहे हैं. राजा ज्ञानेंद्र के खिलाफ सबसे बड़ा मसला है ज्ञानेंद्र के बड़े भाई राजा वीरेंद्र शाह के परिवार का खात्मा. दुनिया को दहला देने वाला ये कांड 2001 में हुआ था. दुनिया ये जानती है और आरोप भी यही है कि राजा वीरेंद्र के बड़े बेटे राजकुमार दीपेंद्र ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था, लेकिन सवालों के घेरे में राजा ज्ञानेंद्र हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जब ये जघन्य हत्याकांड हुआ था, तब वीरेंद्र के पूरे परिवार का खात्मा हो गया था, लेकिन 1 जून 2001 को जिस शख्स का बाल भी बांका नहीं हुआ था वो थे राजा वीरेंद्र के छोटे भाई ज्ञानेंद्र.
आज भी ये सवाल अनसुलझा है कि क्या राजा वीरेंद्र के पूरे परिवार के खात्मे के पीछे साजिश ज्ञानेंद्र की थी, जो सत्ता हासिल करना चाहते थे, ये संयोग कैसे हो सकता है कि उस रात पार्टी में ज्ञानेंद्र शाह मौके पर नहीं थे. इतना ही नहीं ज्ञानेंद्र शाह का पूरा परिवार भी पार्टी में नहीं था. कहा जाता है कि पूरी साजिश में कहीं ना कहीं राजा ज्ञानेंद्र का भी रोल रहा था. कुछ सालों तक राजा ज्ञानेंद्र बतौर हिदू शासक नेपाल पर राज करते रहे, लेकिन उनका कार्यकाल काफी विवादों से भी भरा रहा था.
लोकतंत्र के राज के साथ उनकी कभी नहीं बनी. राजा ज्ञानेंद्र ने लोकतंत्र को दबाने की पूरी कोशिश की. पूरी ताकत और हक उन्होंने खुद अपने हाथ में ले लिए थे. खुद को सर्वशक्तिशाली घोषित कर दिया था बड़े भाई वीरेंद्र के दौर में राजा का दखल सत्ता में कम हो गया था, लेकिन ज्ञानेंद्र ने सारे हक खुद ले लिए.
अगर आज की बात करें तो राजा ज्ञानेंद्र आज भी अकूत संपत्ति के मालिक हैं. उनकी जायदाद 2008 में 100 मिलियन डॉलर थी. नेपाल में उनके कई होटल हैं. कई चाय बागान हैं. वो नेपाल के बड़े निवेशक हैं. आज दोबारा से राजा की वापसी को लेकर जो आंदोलन हो रहा है, उसको कौन लीड करेगा ये भी राजा ज्ञानेंद्र ने ही तय किया था. कुल मिलाकर नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की इस मुहिम के पीछे एक शख्स है, जिसे दोबारा नेपाल की सत्ता चाहिए.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.










