
बंगाल में मुस्लिमों की 77 जातियों को आरक्षण देने का मामला क्या है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से मांगा जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से पूछा है कि OBC की लिस्ट में 77 जातियों को शामिल करने का आधार क्या था? कोर्ट ने एक हफ्ते में सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है. इसी साल मई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इन 77 जातियों को जारी OBC सर्टिफिकेट रद्द करने का फैसला सुनाया था.
पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों को आरक्षण देने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से पूछा है कि उन्होंने किस आधार पर मुस्लिमों की 77 जातियों को OBC का दर्जा दे दिया था? सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से इस पर एक हफ्ते में जवाब मांगा है.
मुस्लिमों की 77 जातियों को OBC लिस्ट में शामिल करने के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था. इसके बाद ममता सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या पूछा?
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर दो सवाल पूछे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक हलफनामा दायर कर सरकार 77 जातियों को OBC की लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया को समझाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पहला सवाल किया है कि क्या OBC की लिस्ट में 77 जातियों को शामिल करने से पहले पिछड़ा आयोग के साथ सलाह नहीं ली गई थी? और दूसरा सवाल ये किया है कि क्या OBC का सब-क्लासिफिकेशन करने से पहले सरकार ने कोई सलाह-मशविरा किया था?
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने ये भी बताया जाए कि 77 जातियों को OBC की लिस्ट में किस आधार पर शामिल किया गया था?

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