
पढ़ें क्या हैं 29 नवंबर 2023 की भारत, अमेरिका समेत दुनिया की बड़ी खबरें
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29 नवंबर को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका में कोविड-19 वायरस का नया वैरिएंट अब बढ़ने लगा है. पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. वहीं, भारत में मणिपुर के सबसे बड़े उग्रवादी संगठन ने हथियार डाल दिए हैं. 29 नवंबर को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका की 5 बड़ी खबरें...
1. उम्मीद से ज्यादा तेजी से बढ़ी अमेरिकी अर्थव्यवस्था
अमेरिका की अर्थव्यवस्था अनुमान से भी ज्यादा तेजी से बढ़ी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच अमेरिका की जीडीपी 5.2% की सालाना दर से बढ़ी है. जबकि, इस तिमाही में जीडीपी 4.9% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया था.
2. अमेरिका में सुसाइड के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि
अमेरिका में आत्महत्या के मामले में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है. सीडीसी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में 29,449 अमेरिकियों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी थी. ये 2021 की तुलना में 3 फीसदी ज्यादा है. 2021 में 48,183 लोगों ने सुसाइड की थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?








