
प्रागैतिहासिक अवशेषों से 50,000 साल पुराने वायरस निकालने जा रहे रूसी वैज्ञानिक!
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रूस के वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम यह स्टडी करेगी.
रूस के वैज्ञानिक प्रागैतिहासिक काल के जानवरों के बायोलॉजिकल मैटेरियल से 50 हजार साल पुराने वायरस निकालने जा रहे हैं. असल में बीते कुछ साल में रूसी वैज्ञानिकों को बर्फ में दबे हुए कई अवशेष मिले थे. अब वैज्ञानिक इन्हीं अवशेषों में मौजूद वायरस की स्टडी करने जा रहे हैं. (फोटो साभार- The Ammosov North-Eastern Federal University) डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी साइंटिस्ट प्रागैतिहासिक काल के कुत्ते, घोड़े, चूहे और अन्य जानवरों के अवशेषों की स्टडी शुरू करने जा रहे हैं. सबसे पुराने जानवर के अवशेष की उम्र 50 हजार साल बताई जा रही है. (फोटो साभार- The Ammosov North-Eastern Federal University)
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.










