
प्रयागराज: जीत के जश्न के दौरान BJP कार्यकर्ता की मौत, SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
AajTak
प्रयागराज के बहरिया में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ता सतीश चौहान की संदिग्ध मौत के मामले में थाना प्रभारी बहरिया रवि प्रकाश, एसआई संजय यादव समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ता सतीश चौहान की संदिग्ध मौत के मामले में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि बहरिया के नेवादा गांव में बीजेपी की जीत के जश्न के दौरान पथराव में घायल सतीश चौहान की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा था.
इस पर एसएसपी अजय कुमार ने बहरिया थाना प्रभारी, एक एसआई व दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. इसके साथ ही मामले में दारोगा समेत 10 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि मुबारकपुर गांव में शनिवार शाम को भाजपा कार्यकर्ता जीत के जश्न में डीजे पर डांस कर रहे थे.
इस दौरान इस दौरान एक पक्ष ने पथराव कर दिया, जिसमें 18 वर्षीय सतीश चौहान घायल हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. मामले में थाना प्रभारी बहरिया रवि प्रकाश, एसआई संजय यादव, कांस्टेबल विकास उपाध्याय और कांस्टेबल दीनदयाल दुबे को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच शुरू हो गई है.
क्या है पूरा मामला
प्रयागराज जिले के बहरिया के नेवादा गांव में बीजेपी की जीत पर जश्न का आयोजन किया जा रहा था. इस दौरान निकाले गए जुलूस में पर पथराव और लाठी डंडे से पिटाई की गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. आरोप है कि पिटाई के दौरान ही गणेश चौहान की मौत हो गई थी. हालांकि पिता ने अपने बेटे के एक्सीडेंट की तहरीर दी थी.
इसके बाद मृतक के साथियों ने अलग तहरीर दी और घटना के विरोध में बहरिया थाने पर प्रदर्शन करते हुए थाना बहरिया के थानाध्यक्ष रवि प्रकाश और दारोगा संजय यादव पर भाजपा कार्यकर्ता सुनील कुमार पासी और प्रवीण कुमार पाल को पीटने का आरोप लगाया. साथ ही एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








