
पेशावर मस्जिद ब्लास्ट के बाद अब TTP ने PAKISTAN में पुलिस स्टेशन को बनाया निशाना
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पाकिस्तान के पेशावर में हमले को अंजाम देने के बाद अब पाकिस्तान का तहरीक-ए-तालिबान (TTP) संगठन ने पंजाब प्रांत के मियांवाली में पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया है. TTP के कई हथियारबंद हमलावरों ने पंजाब के मियांवाली जिले में स्थित पुलिस स्टेशन पर मंगलवार रात हमला कर दिया. हमलावरों के पास भारी तादाद में हथियार थे.
पाकिस्तान का तहरीक-ए-तालिबान (TTP) संगठन दिन-ब-दिन उसके लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. पेशावर की मस्जिद में आत्मघाती हमला कर 100 लोगों की जान लेने के बाद अब TTP ने पाकिस्तान में एक पुलिस स्टेशन पर जबरदस्त अटैक कर दिया. पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक TTP के कई हथियारबंद हमलावरों ने पंजाब के मियांवाली जिले में स्थित पुलिस स्टेशन पर मंगलवार रात हमला कर दिया. हमलावरों के पास भारी तादाद में हथियार मौजूद थे. हालांकि, पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि देर रात अटैक को नाकाम कर दिया गया. इससे पहले भी TTP पाकिस्तान में कई पुलिस चौकियों को अपना निशाना बना चुका है.
बता दें कि पेशावर में मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में अब तक 100 लोग जान गंवा चुके हैं. धमाके में घायल हुए 200 से ज्यादा लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. इनमें से कई जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. यानी मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार की दोपहर को हुए ब्लास्ट में मरने वालों की लाश मंगलवार दोपहर तक मलबे से निकलती रही.
तहरीक-ए-तालिबान ने ली जिम्मेदारी
बता दें कि पाकिस्तान तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. पाकिस्तान तालिबान को तहरीक-ए-तालिबान के नाम से भी जाना जाता है. टीटीपी ने धमाके के बाद बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने पिछले साल अगस्त में अपने नेता उमर खालिद खुरासनी की हत्या का बदला लिया लिया है. खुलेआम ये दावा करके टीटीपी ने एक तरह से पाकिस्तान की सरकार को खुली चुनौती दे दी है. उमर खालिद खुरासनी की मौत अगस्त 2022 में अफगानिस्तान में तब हुई थी, जब उसकी कार को निशाना बनाकर एक धमाका किया गया था. इसमें खुरासनी समेत 3 लोग मारे गए थे.
क्या है तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान?
2007 में कई सारे आतंकी गुट एकसाथ आए और इनसे मिलकर बना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान. टीटीपी को पाकिस्तान तालिबान भी कहते हैं. इसका मकसद पाकिस्तान में इस्लामी शासन लाना है. अगस्त 2008 में पाकिस्तानी सरकार ने टीटीपी को बैन कर दिया था.

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