
पूर्व CM, डिप्टी सीएम के भाई, एक्टर की वाइफ... कांग्रेस ने पहली लिस्ट में दिग्गजों पर खेला दांव
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कांग्रेस ने शुक्रवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 60 से अधिक लोकसभा सीटों में से 39 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया गया है. इस लिस्ट में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल और कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इसमें 15 जनरल कैटेगरी से ताल्लुक रखते हैं जबकि 24 उम्मीदवार ऐसे हैं जो एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. कांग्रेस की पहली लिस्ट में छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और त्रिपुरा की सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है.
दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में सीईसी की बैठक हुई थी. इसमें दिल्ली, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, सिक्किम, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय और लक्षद्वीप की लोकसभा सीटों पर चर्चा हुई थी. इसके अगले दिन आज शुक्रवार को इन 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 60 से अधिक लोकसभा सीटों में से 39 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया गया है. इस लिस्ट में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल समेत छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल और कर्नाटक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा कन्नड फिल्म
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कांग्रेस की पहली लिस्ट में इन बड़े चेहरों को मिली जगह
राहुल गांधी: कांग्रेस ने एक बार फिर राहुल गांधी को केरल की वायनाड सीट से मैदान में उतारा है. हालांकि, राहुल इस बार अपनी परंपरागत सीट अमेठी से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है. राहुल गांधी ने 2019 की लोकसभा चुनाव में वायनाड और अमेठी, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था. इस दौरान वह अमेठी सीट हार गए थे और वायनाड से बड़ी जीत दर्ज की थी. राहुल को वायनाड में 6 लाख 64 हजार वोट मिले थे और उन्होंने 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.
भूपेश बघेल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. इस लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से अब तक कुल 17 चुनाव हो चुके हैं. राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र में 1952 से लेकर 1999 तक 13 बार चुनाव हुए, जिनमें से ज्यादातर नतीजे कांग्रेस के ही पक्ष में रहे हैं. हालांकि साल 2000 में मध्य प्रदेश के विभाजन से बने छत्तीसगढ़ के अस्तित्व में आने के बाद से यहां 2007 में एक उपचुनाव के अलावा तीन लोकसभा चुनाव हुए हैं. 1999 के बाद से 2007 के उपचुनावों के अलावा सभी चुनावों (1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 ) में बीजेपी ने सीट पर कब्जा करने में कामयाब रही है.

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