
'पूरी दुनिया हमें देख रही है...', PAK के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के डर्टी वर्क वाले बयान पर बोला अमेरिका
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह स्वीकार किया था कि पाकिस्तान का आतंकवाद को सपोर्ट करने और टेरर फंडिंग करने का लंबा इतिहास रहा है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग 30 साल से इस गंदे काम को अमेरिका के लिए करते आ रहे हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का अमेरिका के लिए डर्टी वर्क करने के बयान पर विवाद जारी है. इस बीच जब प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे टाल दिया.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि मौजूदा मामले पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बात करेंगे. हम इस सेक्टर में हुए घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है. हम विभिन्न स्तरों पर भारत और पाकिस्तान की सरकारों के संपर्क में है. हम सभी पक्षों से इसका समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. पूरी दुनिया हमें देख रही है लेकिन इस संबंध में मेरे पास और कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं है.
दरअसल पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह स्वीकार किया था कि पाकिस्तान का आतंकवाद को सपोर्ट करने और टेरर फंडिंग करने का लंबा इतिहास रहा है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग 30 साल से इस गंदे काम को अमेरिका के लिए करते आ रहे हैं.
भारत के साथ ऑल आउट वॉर की बात करने वाले ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा खत्म हो चुका है. ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर का अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि अब ये आतंकी संगठन खत्म हो चुका है.
उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान हाई अलर्ट पर है. हम अपने परमाणु हथियारों का केवल तभी इस्तेमाल करेंगे जब हमारे अस्तित्व पर सीधा खतरा होगा. अगर युद्ध होगा तो हम इसके लिए भी मानसिक रूप से तैयार है. इसकी बहुत स्पष्ट संभावना है कि अगले दो से तीन या चार दिनों में युद्ध हो सकता है.
आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान की संप्रभुता को किसी तरह का खतरा होता है तो हम इसका सामना करने के लिए 100 फीसदी तैयार हैं. अगले कुछ दिनों में युद्ध का खतरा है लेकिन इसे टाला जा सकता है.

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