
पाकिस्तान में भारत को लेकर बिना लाग-लपेट के बोले रूसी विदेश मंत्री
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रूस और पाकिस्तान के रिश्ते इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले रूस क्वाड देशों अमेरिका-भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया के बीच गहराते रिश्ते पर प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा है. पाकिस्तान की यात्रा के दौरान लावरोव ने कश्मीर पर बिना नाम लिए बयान दिया था.
रूस और पाकिस्तान के रिश्ते इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पिछले हफ्ते भारत के बाद पाकिस्तान का दौरा किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज तक पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है जबकि पिछले नौ सालों में रूस के किसी विदेश मंत्री का ये पहला दौरा था. रूस के विदेश मंत्री जब पाकिस्तान पहुंचे तो उनसे भारत से रिश्ते को लेकर भी कई कठिन सवाल पूछे गए. लावरोव ने भी भारत को लेकर स्पष्ट रूप से अपनी राय रखी. हाल के दिनों में रूस की सबसे बड़ी चिंता अमेरिका के नेतृत्व वाले क्वॉड समूह में भारत की बढ़ती सक्रियता रही है. क्वाड में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. इस समूह को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को काउंटर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं, रूस के लिए अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए चीन अहम सहयोगी है. रूस ने एक बयान में यहां तक कह दिया था कि भारत को चीन विरोधी साजिशों में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. जब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पाकिस्तान पहुंचे तो उनसे क्वॉड और भारत को लेकर सवाल किया गया. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “Quad” में भारत की भूमिका बढ़ रही है. हम इस तथ्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में भारत अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं को स्वयं निर्धारित कर रहा है. (फोटो-PTI)
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

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स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








