
पाकिस्तान में भारत के 21 दुश्मन ढेर, लेकिन अब भी खुले घूम रहे हैं ये बड़े आतंकवादी
AajTak
पिछले कुछ महीनों के दौरान पाकिस्तान में 21हाई-प्रोफाइल आतंकवादी मारे गए हैं. गौर करने वाली बात ये है कि इन आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया है. ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि पाकिस्तानी धरती पर भारत के दुश्मनों को कौन मार रहा है? अगला नंबर किसका आएगा?
पाकिस्तान में रविवार को एक आतंकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह पहली बार नहीं है जब अज्ञात हमलावर ने किसी आतंकी को गोली मारी हो, पिछले तीन वर्षों के दौरान पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में करीब 20 से अधिक वो आतंकी मारे गए हैं जो नई दिल्ली की "वांटेड लिस्ट" में शामिल थे.
गौर करने वाली बात ये है कि ये सभी आतंकियों को अज्ञात हमलावर ने मौत के घाट उतारा है. मारे गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा (LeT), हिज्बुल मुजाहिदीन (HuM), जैश-ए-मुहम्मद (JeM) जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. लगातार मारे जा रहे आतंकियों के बाद पाकिस्तान में रह रहे सभी प्रमुख आतंकी खौफ के साये में जी रहे हैं या अंडरग्राउंड हो गए हैं.
भारत पर आरोप
यह हत्याएं लगभग एक ही पैटर्न पर हुई हैं. हाल ही में ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट आई जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान में हुई करीब 20 हत्याएं संयुक्त अरब अमीरात से संचालित भारतीय खुफिया एजेंसियों के स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिए गए. इसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय भी सामने आया है उसने इन हत्याओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है. पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने लक्षित हत्याओं को अंजाम देने के लिए स्थानीय हत्यारों का एक नेटवर्क स्थापित किया है जिसे संयुक्त अरब अमीरात में तैनात लोगों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है. हालांकि भारत ने इस तरह के सभी आरोप सिरे से खारिज कर दिए हैं.
यह भी पढ़ें: 'खुशी है लेकिन न्याय पूरा नहीं हुआ, पाकिस्तानी साजिश...,' हत्यारे अमीर सरफराज के सफाये पर क्या बोलीं सरबजीत सिंह की बेटी?
वो आतंकी जिन्हें अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








