
पाकिस्तान के लाहौर में भारी बारिश से तबाही, कई इलाके बाढ़ में डूबे, टूटा 44 साल पुराना रिकॉर्ड
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डॉन के मुताबिक पाकिस्तान के पंजाब के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता मजहर हुसैन ने कहा कि मानसून के दौरान एक दिन में अधिकतम बारिश का रिकॉर्ड आज टूट गया है. PDMA ने कहा कि 29 जुलाई से गुरुवार तक खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न हिस्सों में हुई मानसूनी बारिश में 24 लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हो गए.
पाकिस्तान में इन दिनों भारी बारिश के चलते हाहाकार मचा हुआ है. लाहौर में मूसलाधार बारिश ने पिछले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, शहर में एयरपोर्ट समेत कई इलाकों में कुछ ही घंटों में लगभग 360 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके चलते कई इलाके बाढ़ में डूब गए.
डॉन के मुताबिक पाकिस्तान के पंजाब के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता मजहर हुसैन ने कहा कि मानसून के दौरान एक दिन में अधिकतम बारिश का रिकॉर्ड आज टूट गया है. PDMA ने कहा कि 29 जुलाई से गुरुवार तक खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न हिस्सों में हुई मानसूनी बारिश में 24 लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हो गए.
AFP ने पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) के हवाले से बताया कि शहर में 3 घंटे में लगभग 360 मिमी बारिश हुई. इससे पहले जुलाई 1980 में तीन घंटे में 332 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, एजेंसी के उप निदेशक फारूक डार ने बताया कि इस बारिश से पिछला रिकॉर्ड टूट गया.
PDMA ने 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है. इस दौरान दक्षिणी पंजाब के अधिकांश जिलों में तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. PDMA के प्रवक्ता ने कहा कि मानसून की बारिश के कारण नदियों, बांधों और नालों में जलस्तर बढ़ रहा है. उन्होंने 1 से 4 अगस्त तक मंगला में झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने से भयंकर बाढ़ की चेतावनी दी है.
बता दें कि 30 जुलाई को पाकिस्तान के हिस्से वाले पंजाब के विभिन्न जिलों में भारी बारिश के कारण एक बच्चे और 5 महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि 6 लोग घायल हो गए थे.
पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि वरिष्ठ मंत्री मरियम औरंगजेब ने विभिन्न अधिकारियों द्वारा किए गए जल निकासी के निर्देश दिए. बयान में कहा गया है कि जल और स्वच्छता एजेंसी, लाहौर विकास प्राधिकरण, लाहौर पश्चिम प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन सामूहिक रूप से मानसून की बारिश से निपटने के लिए काम कर रहे हैं.

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