
पाकिस्तान की मशहूर टिकटॉकर की इस्लामाबाद में गोली मारकर हत्या, मेहमान बनकर आया था आरोपी
AajTak
सना यूसुफ की लाश को पोस्टमार्टम के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (PIMS) भेज दिया गया है. शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हत्या के पीछे की मंशा क्या थी. पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या कोई और कारण भी शामिल हो सकता है.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक दर्दनाक घटना में मशहूर टिकटॉकर सना यूसुफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह वारदात इस्लामाबाद के सेक्टर G-13 स्थित उनके निवास पर हुई, जो सुंबल पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार में आता है.
पुलिस के अनुसार, सना यूसुफ, जो मूल रूप से अप्पर चितराल की रहने वाली थीं, को एक मेहमान ने गोली मारी जो उनसे मिलने उनके घर आया था. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.
क्या थी हत्या के पीछे की मंशा?
सना यूसुफ की लाश को पोस्टमार्टम के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (PIMS) भेज दिया गया है. शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हत्या के पीछे की मंशा क्या थी. पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या कोई और कारण भी शामिल हो सकता है.
जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और संदिग्ध की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पाकिस्तान में लोग सोशल मीडिया पर इस हत्या को लेकर बात कर रहे हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.









