
पाकिस्तानी सेना की पहली अल्पसंख्यक महिला ब्रिगेडियर बनीं हेलेन मैरी रॉबर्ट्स, PM शहबाज शरीफ ने दी बधाई
AajTak
ब्रिगेडियर हेलेन सीनियर पैथोलॉजिस्ट हैं और पिछले 26 वर्षों से पाकिस्तानी सेना में सेवारत हैं. पिछले साल रावलपिंडी के क्राइस्ट चर्च में क्रिसमस समारोह के दौरान, पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने देश के विकास में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की थी.
हेलेन मैरी रॉबर्ट्स ने पाकिस्तान की थल सेना में ब्रिगेडियर का पद हासिल करने वाली पहली ईसाई महिला बनकर इतिहास रच दिया है. वह वर्तमान में पाकिस्तान आर्मी की मेडिकल कोर में सेवारत हैं. बता दें कि पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल देश है और ईसाई समुदाय वहां अल्पसंख्यक है. हेलेन रॉबर्ट्स पाकिस्तानी सेना के उन अधिकारियों में से एक थीं, जिन्हें सेलेक्शन बोर्ड द्वारा ब्रिगेडियर और फुल कर्नल पोस्ट के लिए प्रमोट किया गया.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ब्रिगेडियर के रूप में पदोन्नति पर हेलेन को बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर और अल्पसंख्यक समुदायों की उनके जैसी हजारों मेहनती महिलाओं पर गर्व है, जो देश की सेवा कर रही हैं. उन्होंने कहा, 'मैं स्वयं और पूरा देश हेलेन मैरी रॉबर्ट्स को पाकिस्तान की सेना में ब्रिगेडियर के रूप में पदोन्नत होने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की पहली महिला होने पर बधाई देता है.'
ब्रिगेडियर हेलेन सीनियर पैथोलॉजिस्ट हैं और पिछले 26 वर्षों से पाकिस्तानी सेना में सेवारत हैं. पिछले साल रावलपिंडी के क्राइस्ट चर्च में क्रिसमस समारोह के दौरान, पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने देश के विकास में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की थी. पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 2021 में जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 96.47 प्रतिशत मुस्लिम हैं, इसके बाद 2.14 प्रतिशत हिंदू, 1.27 प्रतिशत ईसाई, 0.09 प्रतिशत अहमदी मुस्लिम और 0.02 प्रतिशत अन्य हैं.
गत दिनों पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने अल्पसंख्यक समुदाय के न्यायधीशों को पाकिस्तानी उच्च न्यायपालिका में शामिल करने की पैरवी की थी. जस्टिस केआर कॉर्नेलियस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तरार ने पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकार आयोग का गठन करने और अल्पसंख्यक अधिकारियों और कनूनी सलाहकारों के लिए आरक्षण देने पर जोर दिया. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनसूर अली शाह ने भी तरार की इस अपील का समर्थन किया था.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








