
पाकिस्तानः चुनावी पिच पर बिना 'बल्ले' के उतरेगी इमरान की पार्टी, सुप्रीम कोर्ट ने छीना PTI का चुनाव चिह्न
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम पेशावर हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने और ईसीपी फैसले को बहाल करने" की घोषणा करते हैं. इसके तहत इमरान की पार्टी के आंतरिक चुनावों को अमान्य कर दिया गया और पार्टी को उसके चुनाव चिह्न 'बल्ले' से वंचित कर दिया गया.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है. पड़ोसी मुल्क के सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार देर रात पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के आंतरिक चुनावों को रद्द घोषित करने के साथ ही पार्टी के चुनाव चिह्न 'बल्ले' को भी अमान्य घोषित कर दिया.
दरअसल, पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) ने पेशावर हाईकोर्ट (PHC) के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें बुधवार को इमरान की पार्टी के आंतरिक चुनावों को वैध करते हुए पार्टी के चुनाव चिह्न 'बल्ले' (क्रिकेट का बल्ला) के चुनाव चिह्न के रूप में बहाल कर दिया था.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस काजी फ़ैज़ ईसा, जस्टिस मुहम्मद अली मज़हर और जस्टिस मुसर्रत हिलाली की तीन सदस्यीय बेंच ने ईसीपी की याचिका पर सुनवाई की और सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसे शनिवार देर रात सुनाया गया. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम पेशावर हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने और ईसीपी फैसले को बहाल करने" की घोषणा करते हैं. इसके तहत इमरान की पार्टी के आंतरिक चुनावों को अमान्य कर दिया गया और पार्टी को उसके चुनाव चिह्न 'बल्ले' से वंचित कर दिया गया.
कब शुरू हुआ था विवाद?
बता दें कि चुनाव चिह्न पर विवाद 22 दिसंबर को शुरू हुआ था. जब चुनाव आयोग ने आगामी 8 फरवरी होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर होने वाले इमरान की पार्टी के आंतरिक चुनावों को खारिज करते हुए उसका चुनावी चिन्ह छीन लिया था. इसके बाद PTI ने ने पेशावर हाईकोर्ट का रुख किया था, हाईकोर्ट ने 26 दिसंबर को एक अंतरिम आदेश के माध्यम से ईसीपी के फैसले को निलंबित कर दिया था.
EC ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

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