
पहले पिता की लाश मिली, फिर यूनिवर्सिटी कैंपस में गोलियां बरसाकर 15 लोगों की ली जान... प्राग के शूटर पर कई खुलासे
AajTak
प्राग यूनिवर्सिटी में बंदूकधारी युवक ने हमला कर 15 लोगों की हत्या कर दी. गोलीबारी में 24 से लोग घायल हो गए. चेक राष्ट्रपति पेट्र पावेल ने कहा कि वह इस हिंसा से स्तब्ध हैं. उन्होंने पीड़ितों के परिवारों और रिश्तेदारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
चेक गणराज्य की प्राग यूनिवर्सिटी में गुरुवार को एक बंदूकधारी युवक ने लोगों पर हमला कर 15 लोगों की हत्या कर दी. इस घटना में 24 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू कर लिया और बताया कि हमलावर ने खुद को गोली मार ली है. इस हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चेक राष्ट्रपति पेट्र पावेल ने कहा कि वह इस हिंसा से स्तब्ध हैं. उन्होंने पीड़ितों के परिवारों, रिश्तेदारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
पुलिस ने बताया कि ऐतिहासिक केंद्र को इस घातक हिंसा के कारण पूरी जगह को खाली करा लिया है और लोगों को घर के अंदर रहने की चेतावनी दी है.
'बंदूकधारी ने पहले की पिता की हत्या'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी के घटना चार्ल्स यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में हुई, जिसमें 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और करीब 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वोंड्रासेक ने कहा कि पुलिस ने वास्तविक गोलीबारी से पहले उस व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी थी, क्योंकि उसके पिता प्राग के पश्चिम में होस्टौन गांव में मृत पाया था. बंदूकधारी यह कहते हुए प्राग भाग गया कि वह खुद को मारना चाहता है, क्योंकि उसने अपने पिता की हत्या की है.
इसके बाद पुलिस ने बंदूकधारी की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में खोज शुरू की, जहां वह एक लेक्चर सुनने के लिए आने वाला था, लेकिन वह लेक्चर लेने नहीं पहुंचा. वोंद्रासेक ने कहा, बाद में टीम को अपुष्ट जानकारी से पता चला कि उसने खुद की जान ले ली है.
'रूस की घटना से था प्रेरित'

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







