
पहला अंतरिक्ष यात्री कौन? अनुराग ठाकुर की 'स्तुति' से तो हनुमान जी भी खुश नहीं हुए होंगे
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भारत में अगर पहले डॉक्टर की बात होती है तो धनवंतरि का नाम लिया जाता है. पहले शल्य चिकित्सक के रूप सुश्रुत का नाम चलता है. पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले छात्रों को बताया जाता है कि नारद मुनि पहले पत्रकार थे. पर दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री का नाम बच्चों से पूछकर पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर आखिर फंस गए.
पिछले दिनों बांग्लादेश में डार्विन के विकासवाद सिद्धांत (Theory of Evolution) को 9वीं और 10वीं कक्षा के पाठ्य पुस्तकों से हटाने की मांग को लेकर एक कानूनी नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में तर्क दिया गया है कि यह सिद्धांत इस्लाम के विश्वासों, विशेष रूप से मानव की उत्पत्ति आदम और हव्वा से हुई, के विपरीत है. पाकिस्तान और बांग्लादेश से जब ऐसी खबरें आती हैं तो हम हंसी में उड़ा देते हैं. लेकिन, भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर जब छोटे बच्चों की सभा में पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में हनुमान जी का नाम लेते हैं, तो सिर पकड़ लेने का मन करता है.
पहला यह है कि पाकिस्तान-बांग्लादेश के बारे में कहा जा सकता है कि वहां का निजाम इस्लाम के आधार पर चलता है. ऐसे में यदि वे अपनी पढ़ाई में कुरान की मान्यताओं को शामिल करें तो आश्चर्य नहीं होता. लेकिन, भारत के बारे में तो दुनिया में यही मान्यता है कि यहां की पढ़ाई लिखाई तार्किक आधार पर चलती है. अब जरा सोचिए कि एक खबर ऐसी आती है जिसमें मेरे देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर बच्चों से यह कहते हुए दिखते हैं कि देश के पहले अंतरिक्ष यात्री बजरंग बली पवनसुत हनुमान थे. तो दुनिया भर में भारत की क्या छवि बनेगी ?
जाहिर है कि ये बातें बहुत हास्यास्पद हो जाती हैं. हालांकि ठाकुर के कहने का मतलब शायद अपनी सभ्यता और संस्कृति को समझते हुए बच्चों को अपने देश के बारे में जानने और समझने की वकालत करना था .पर चूंकि स्कूल में ये बात बच्चों के साथ हुई इसलिए ठाकुर की बातचीत हास्यास्पद हो जाती है. खासतौर पर जब यह बातें किसी माइथॉलाजी की क्लास में न चल रही हों.
दरअसल भारत में अब तक शिक्षा और मीडिया पर कम्युनिस्ट विचारधारा का कब्जा रहा है. और भारत के इतिहास को तोड़ मोड़कर दिखाया जाता रहा है. बीजेपी नेताओं पर कम्यूनिस्टों के विचार से देश को आजाद कराने का भूत इस कदर हावी है कि वे अपनी संस्कृति और सभ्यता के प्रचार प्रसार को लेकर बार-बार आक्रामक हो जाते हैं.
इसी चक्कर में कभी कोई नेता इंटरनेट को महाभारत काल का बता देता है, तो कभी कोई परमाणु बम को कणाद मुनि के फार्मूले पर आधारित बता देता है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं विज्ञान और आधुनिका सोच को सर्वाधिक तरजीह देने वाले नेताओं में से हैं. इसलिए अनुराग ठाकुर ने जो कहा उसे सरकार की नीति नहीं माना नहीं जा सकता पर ऐसे बयान जगहंसाई तो कराते ही हैं.
दरअसल हुआ यह कि हिमाचल प्रदेश के ऊना में एक स्कूल में छात्रों से बातचीत के दौरान ठाकुर ने सवाल पूछा कि अंतरिक्ष की यात्रा करने वाला पहला व्यक्ति कौन था? अनुराग ठाकुर ने सामान्य ज्ञान और विज्ञान का एक बुनियादी सवाल पूछा. बच्चों ने एक स्वर में चिल्लाया नील आर्मस्ट्रांग! अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह हनुमानजी थे. बाद में उन्होंने एक वीडियो एक्स पर साझा किया और बताया कि दोनों ही उत्तर सही नहीं हैं.

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