
पश्चिमी एशिया में फिर युद्ध का खतरा! इजरायल ने लेबनान पर किया हमला
AajTak
इजरायल और ईरान के बीच हुआ सीजफायर टूटने के कगार पर है. इजरायल ने लेबनान पर हमला किया और ईरान को धमकी दी है कि अगर उसने दोबारा परमाणु बम बनाने की कोशिश की तो वो लेबनान से 100 गुना ज्यादा हमला करेगा.

ईरान में सरकार विरोधी एंटी-खामेनेई प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को फांसी देने की तैयारी की खबर है, जिसे मौजूदा देशव्यापी आंदोलन से जुड़ी पहली फांसी बताया जा रहा है. सुल्तानी को 8 जनवरी को तेहरान के पास कराज में प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को उसकी फांसी तय है.

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा की घोषणा की है. इससे जर्मनी के एयरपोर्ट के जरिए किसी तीसरे देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को अब ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा. यह फैसला जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में लिया गया.

भारतीय मूल के अमेरिकी जज अरुण सुब्रमण्यम ने ट्रंप प्रशासन की ओर से डेमोक्रेट शासित राज्यों में बच्चों की देखभाल, परिवार सहायता और सामाजिक सेवाओं से जुड़ी करीब 10 अरब डॉलर की फंडिंग रोकने के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज ने कहा कि अचानक फंड रोकने से गरीब परिवारों और कमजोर वर्गों को गंभीर नुकसान हो सकता है और प्रक्रिया में कानूनी खामियां हैं.

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रहे कड़े दमन के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है. अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा तो अमेरिकी सेना कोई भी जरूरी कार्रवाई करने को तैयार है. ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है जबकि विदेश में बैठे रजा पहलवी ने अपने समर्थकों से आंदोलन को और भी तेज करने की अपील की है. वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि ट्रंप की धमकियों का जवाब दिया जाएगा और इस स्थिति से अन्य देशों को भी नुकसान हो सकता है.

पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक नजम सेठी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान केवल भारत से ही डरता है और उसके पास परंपरागत युद्ध में भारत को रोकने की क्षमता नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी डर के कारण पाकिस्तान कभी भी नो फर्स्ट यूज परमाणु नीति को अपनाने को तैयार नहीं होगा. यह बयान पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों और उसकी परमाणु धमकी की नीति की वास्तविकता को सामने लाता है.

क्यूबा पिछले छह दशकों से अमेरिका को सीधे चुनौती दे रहा है. कोल्ड वॉर के दौर में अमेरिका ने इस देश पर अपने नियंत्रण के लिए नाकाबंदी, हमले, फिदेल कास्त्रो की हत्या की कोशिशें, सब कुछ किया. लेकिन अटलांटिक महासागर का द्विपीय देश क्यूबा अपने एजेंडे पर कायम रहा और अमेरिका की छाती में नश्तर की तरह चुभता रहा.







