
'पता नहीं गौतम का असली मकसद क्या था', बेटे के साथ मुलाकात पर बोले विजयपत सिंघानिया
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85 साल के विजयपत के रेमंड ग्रुप के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने और बागडोर अपने बेटे को सौंपने के बाद उनके और गौतम के बीच रिश्तों में खटास आ गई. 2018 में उन्हें रेमंड के मानद चेयरमैन पद से हटा दिया गया.
रेमंड (Raymond) ग्रुप के प्रमुख गौतम सिंघानिया ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पिता विजयपत सिंघानिया के साथ एक तस्वीर शेयर की थी. कयास लगाए जा रहे थे कि पिता और बेटे में सुलह हो गई है लेकिन इस बीच सोमवार को विजयपत सिंघानिया ने एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया.
इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए विजयपत सिंघानिया ने कहा कि 20 मार्च को उनके बेटे के असिस्टेंट ने उन्हें फोन किया जब वह एयरपोर्ट जा रहे थे. विजयपत सिंघानिया ने 2015 में रेमंड ग्रुप के चेयरमैन का पद छोड़ दिया था. विजयपत सिंघानिया ने कहा, 'गौतम का असिस्टेंट बार-बार मुझे घर आने के लिए मना रहा था. जब मैंने मना कर दिया तो वह (गौतम) खुद कॉल पर आए और कहा कि वह एक कप कॉफी के साथ मुझसे सिर्फ पांच मिनट का टाइम चाहते हैं.'
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विजयपत सिंघानिया ने खारिज किए दावे
विजयपत सिंघानिया ने बेटे के साथ सुलह के सवाल पर कहा, 'मैं बहुत अनिच्छा से गया. मुझे नहीं पता था कि इस मुलाकात का उद्देश्य गौतम सिंघानिया के साथ मेरी तस्वीर लेकर मीडिया को एक मैसेज देना था. कुछ मिनट बाद मैं नीचे आया और एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया. इसके तुरंत बाद मुझे इंटरनेट पर गौतम के साथ अपनी तस्वीर के साथ मैसेज आने शुरू हो गए जिसमें दावा किया जा रहा था कि गौतम और मैंने सुलह कर ली है जो पूरी तरह से गलत है.'
गौतम सिंघानिया ने पोस्ट की थी फोटो

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