
पंजाबः भगवंत मान सरकार के बजट को कांग्रेस ने बताया दिशाहीन, कहा- 'नई बोतल में पुरानी शराब'
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पंजाब में भगवंत मान सरकार ने बजट पेश किया. वहीं कांग्रेस ने इसे लोगों के साथ धोखा करार दिया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि यह पुरानी बोतल में नई शराब की तरह है. सरकार ने अपने एक भी वादे को पूरा नहीं किया है.
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सोमवार को पहली बार विधानसभा में बजट पेश किया. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बजट भाषण पढ़ा. वहीं पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब के बजट को लेकर कहा कि यह पंजाब के लोगों के साथ धोखा है. उन्होंने कहा किया भगवंत मान सरकार की ओऱ से पेश किया गया बजट झूठ से भरा हुआ है. इसमें कॉन्टेंट और क्वालिटी दोनों ही चीजों की कमी है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि बजट मात्र एक वित्तीय जानकारी नहीं होता, बल्कि उसमें भविष्य की योजनाओं का जिक्र होता है. यह सरकार के लिए राज्य में बदलाव की सोच को दर्शाने का एक बेहतरीन अवसर था, लेकिन इसमें प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल रही है.
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में आम आदमी पार्टी ने अपने एक भी चुनावी वादे को पूरा नहीं किया है. यहां तक कि पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को 1000 प्रतिमाह दिए जाने का भी वादा पूरा नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले महिलाओं के हजारों फार्म भरवाए थे, लेकिन अब अपने वादे को पूरा नहीं किया.
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं है. इस संबंध में वित्त मंत्री ने यह नहीं बताया कि कहां से सरकार पैसे हासिल करेगी, क्योंकि स्कीम के लिए बजट में कोई फंड नहीं जारी किया गया. उन्होंने कहा कि आमतौर पर पहला बजट अगले 5 सालों के लिए सरकार के रोडमैप को दर्शाता है, लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ नहीं है.
कांग्रेस नेता ने भगवंत मान सरकार के बजट को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से दिशाहीन है. इसमें न कोई सोच है न कोई रोडमैप है. ये बजट इस सरकार के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है.
वड़िंग ने कहा कि बजट में इस बात का भी जिक्र नहीं है कि सरकार राजस्व के बड़े अंतर को कैसे पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार बयानबाजी से नहीं चलती. उन्होंने कहा कि बजट में कई स्कीमें पुरानी हैं. जिनमें बस स्टैंडों का आधुनिकीकरण भी शामिल है, जिन्हें पिछली सरकार ने शुरू किया था. यह नई बोतल में पुरानी शराब की तरह है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने पहले बजट में ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे ऐसा लगे कि यह बदलाव को लाने वाला है.

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