
'नैरेटिव की जंग जीतना भारत से सीख सकता है इजरायल...', नेतन्याहू के राजदूत ने की तारीफ!
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भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि इजरायल भारत की तरह सॉफ्ट पावर में निवेश नहीं करता है. उन्होंने कहा कि नैरेटिव की जंग जीतने के लिए सॉफ्ट पावर बेहद जरूरी है जिसमें इजरायल पिछड़ गया है. राजदूत ने फिलिस्तीन को भारत के समर्थन पर भी बात की है.
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि इजरायल युद्ध के समय नैरेटिव की जंग जीतने के लिए सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल भारत से सीख सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के पास शक्तिशाली मीडिया आउटलेट्स हैं जो अलजजीरा (कतर का न्यूज नेटवर्क) और टीआरटी वर्ल्ड (तुर्की का सरकारी ब्रॉडकास्टर) जैसे मीडिया आउटलेट्स की तरह अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ी है लेकिन इजरायल इसमें पिछड़ गया है.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में अजार ने कहा कि जब इजरायल ने हमास के खात्मे के लिए अपना सैन्य अभियान आगे बढ़ाया तो गाजा में फिलिस्तीनियों के समर्थन की लहर चल पड़ी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में एकमात्र यहूदी देश होने के नाते इजरायल भू-राजनीतिक संरचना में पिछड़ गया है.
उन्होंने कहा, 'हम एकमात्र यहूदी देश हैं. आपके पास भी कई शक्तिशाली मीडिया आउटलेट्स हैं जिसमें अलजजीरा और टीआरटी जैसे मीडिया संगठनों की तरह अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है. ये बात साफ है कि हम इसमें पर्याप्त निवेश नहीं कर रहे हैं क्योंकि हमारा अधिकांश निवेश हार्ड पावर में चला गया है, सॉफ्ट पावर में नहीं. जबकि आप अपनी हार्ड और सॉफ्ट पावर को मिलाकर ऐसे समूहों को चुनौती दे पा रहे हैं.'
इजरायल के राष्ट्रीय हितों का समर्थन करती है भारत सरकार
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत से ही जंग छिड़ी है. इजरायल का कहना है कि जब तक फिलिस्तीनी समूह हमास का खात्मा नहीं हो जाता, वो गाजा में अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा. इस संबंध में भारत ने हमेशा की तरह तटस्थता की नीति अपनाए रखी है.
भारत ने इजरायल और फिलिस्तीन, दोनों के साथ अपने संबंध एकसमान बनाए रखा है. भारत एक तरफ जहां गाजा में युद्धविराम के लिए बार-बार आह्वान करता रहा है. वहीं, दूसरी तरफ आतंकवाद से रक्षा करने के इजरायल के अधिकार का भी दृढ़ता से समर्थन करता रहा है. इस संबंध में अजार ने कहा कि भारत सरकार इजरायल के 'मुख्य राष्ट्रीय हितों' का समर्थन करती रही है.

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