
नेपाल की पहली महिला PM सुशीला कार्की बोलीं, Gen-Z की आवाज सुनी जाएगी, समय पर होंगे चुनाव
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नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि उनकी अंतरिम सरकार 5 मार्च 2026 को होने वाले आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराएगी. Gen Z आंदोलन से उपजी इस सरकार ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं की आवाज़ को मान्यता दी है. कार्की ने भरोसा दिया कि लोकतंत्र को मज़बूत करने और जनादेश के अनुसार काम करने में कोई समझौता नहीं होगा.
नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने बुधवार को कहा कि उनकी अंतरिम सरकार पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि हम संविधान के अनुरूप जेन-जी (GenZ) की सही मांगों को सुनने और पूरा करने के लिए जिम्मेदार हैं. सरकार ऐसा माहौल बनाएगी जिसमें नेपाली नागरिक बिना डर के वोट दे सकें. हमारा लक्ष्य है लोकतंत्र को मजबूत करना, देश की समृद्धि बढ़ाना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना. कार्की ने ये बात भक्तपुर जिले के मध्यमपुर ठिमी में एक कार्यक्रम के दौरान कही.
उनका बयान उस बैठक के एक दिन बाद आया जिसमें उन्होंने अंतरिम सरकार बनने के बाद पहली बार प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की थी. बैठक में आगामी आम चुनावों की तैयारियों और सुरक्षा से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई. ये बैठक प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास बालुवाटार में हुई थी, जिसमें भंग की गई प्रतिनिधि सभा के कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया.
73 वर्षीय सुशीला कार्की पिछले महीने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं. उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हटाने के बाद नियुक्त किया गया था. ओली के खिलाफ युवाओं द्वारा चलाए गए 'जेन-जी' आंदोलन में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन जैसे मुद्दे उठे थे.
सरकार तय समय पर चुनाव के वादे पर कायम
सूचना एवं संचार मंत्री जगदीश खरेल ने कहा कि मंगलवार को राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ हुई बातचीत ने चुनाव के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है. पांच घंटे चली इस बैठक में राजनीतिक नेताओं ने सरकार से चुनाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने की अपील की. कार्की ने दोहराया कि सरकार तय समय पर चुनाव कराने के अपने वादे पर कायम है.
खरेल ने बताया कि राजनीतिक दलों के साथ बातचीत बहुत सकारात्मक रही. ज्यादातर नेता चुनाव को लेकर उत्साहित थे जिससे सरकार को आगे की तैयारियों के लिए प्रोत्साहन मिला. उन्होंने कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधि और कैबिनेट के सदस्य पूरी जिम्मेदारी के साथ चुनावी माहौल बनाने में सहयोग देने को तैयार दिखे.

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