
नीति आयोग के वाइस चेयरमैन का चार्ज 1 मई को संभालेंगे सुमन बेरी, कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं
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लैटिन अमेरिका में वित्तीय क्षेत्र में सुधार पर सुमन बेरी के अनुभव को देखते हुए 1992 और 1994 के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के विशेष सलाहकार के रूप में तैनात किया गया था.
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह अर्थशास्त्री सुमन बेरी ने ली है. कार्मिक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने राजीव कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और सुमन बेरी को नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य और 1 मई से उपाध्यक्ष नियुक्त किया है.
राजीव कुमार की जगह लेने वाली सुमन बेरी 2001 से 2011 तक 10 साल के लिए देश के अग्रणी स्वतंत्र नीति अनुसंधान संस्थान में से एक नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के डायरेक्टर जनरल रह चुके हैं.
सुमन बेरी दिल्ली मुख्यालय सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में सीनियर विजिटिंग फेलो और वाशिंगटन डीसी में वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फॉर स्कॉलर्स के एशिया कार्यक्रम में ग्लोबल फेलो हैं. वे ब्रसेल्स में स्थित एक आर्थिक नीति अनुसंधान संस्थान, ब्रूगल के गैर-निवासी फेलो हैं.
सुमन बेरी प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद, भारत के सांख्यिकीय आयोग और मौद्रिक नीति पर भारतीय रिजर्व बैंक की तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी काम किया है. 2012 की शुरुआत से 2016 के मध्य तक सुमन बेरी द हेग, नीदरलैंड में स्थित शेल इंटरनेशनल की मुख्य अर्थशास्त्री थे. उन्होंने वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक विकास पर रॉयल डच शेल के बोर्ड और प्रबंधन को सलाह भी दे चुके हैं.
बेरी रॉयल डच शेल के वैश्विक परिदृश्य समूह के सीनियर नेतृत्व का भी हिस्सा थे. शेल में रहते हुए उन्होंने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में परिदृश्य मॉडलिंग को लागू करने के लिए भारतीय थिंक टैंक के साथ एक सहयोगी परियोजना का नेतृत्व कर चुके हैं.
NCAER से पहले सुमन वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैंक के साथ थे, जिसमें उन्होंने यंग प्रोफेशनल्स प्रोग्राम के जरिए जॉइन किया था. वर्ल्ड बैंक में उन्होंने विशेष रूप से लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में वित्तीय क्षेत्र के विकास, देश की नीति और रणनीति पर शोध किया.

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