
ध्वनि की रफ्तार से 5 गुना तेज हाइपरसोनिक मिसाइलों में जान फूंकने वाला स्क्रैमजेट इंजन कितना खास? DRDO ने की सफल टेस्टिंग
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DRDO की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने स्क्रैमजेट इंजन का 1000 सेकेंड से अधिक समय तक सफल ग्राउंड टेस्ट किया. लिहाजा DRDL ने हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता अपने नाम की. डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट इंजन की 1000 सेकेंड तक टेस्टिंग की जो पूरी तरह सफल रही. इस इंजन का इस्तेमाल हाइपरसोनिक मिसाइलों में किया जाएगा. यह अहम टेस्टिंग ऐसे वक्त पर हुई है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.
DRDO की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने स्क्रैमजेट इंजन का 1000 सेकेंड से अधिक समय तक सफल ग्राउंड टेस्ट किया. लिहाजा DRDL ने हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है.
हाइपरसोनिक तकनीक पर काम कर रहे कई देश
यह जमीनी परीक्षण जनवरी 2025 में 120 सेकंड के लिए किए गए पहले परीक्षण का ही एक हिस्सा है. भारत, अमेरिका, चीन और रूस सहित कई देश सक्रिय रूप से हाइपरसोनिक तकनीक पर काम कर रहे हैं.
हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार ध्वनि की गति से भी पांच गुना ज्यादा होती है. ये 5400 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं. इससे तेज और उच्च प्रभाव वाले हमले किए जा सकते हैं. स्क्रैमजेट इंजन में इग्निशन प्रणाली है जिसके जरिए ईंधन और हवा के मिश्रण में चिंगारी लगाकर इसे जलाया जाता है.
कितना खास है स्क्रैमजेट इंजन?

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