देशभर में SIR का दूसरा चरण शुरू... पहले दिन घर-घर पहुंचाए गए 15 लाख से ज्यादा फॉर्म
AajTak
दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के साथ अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी को शामिल किया गया है. इस अभियान के पहले ही दिन 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 15 लाख से अधिक गणना फॉर्म मतदाताओं के घर-घर पहुंचाए गए.
देशभर में मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है. इस अभियान के पहले ही दिन 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 15 लाख से अधिक गणना फॉर्म (Enumeration Forms) मतदाताओं के घर-घर पहुंचाए गए.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, यह अभियान संविधान के अनुच्छेद 324(21) के तहत दी गई शक्तियों के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत 27 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश के बाद शुरू किया गया है.
9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल
बिहार में पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के साथ अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी को शामिल किया गया है. इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 51 करोड़ मतदाता इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दायरे में आएंगे, जो 321 जिलों और 1,843 विधानसभा क्षेत्रों में फैले हैं.
एक माह तक चलेगा गणना अभियान
गणना चरण की अवधि 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी. इस दौरान हर मतदाता को एक विशिष्ट गणना प्रपत्र (ईएफ) उपलब्ध कराया जाएगा, जो आंशिक रूप से पहले से भरा होगा. आयोग ने बताया कि सभी राज्यों में 100% ईएफ फॉर्म छप चुके हैं और वितरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







