
देवघर, अयोध्या, उज्जैन के मंदिरों में सावन पूर्णिमा पर भीड़
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सावन पूर्णिमा के मौके पर देश भर के बड़े मंदिरों पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है. दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ अलग-अलग शहरों में स्थित मंदिर पहुंच रही है. देश के प्रमुख मंदिरों के फुटेज सामने आए हैं.
सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) के मौके पर देश भर के बड़े मंदिरों पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है. दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ अलग-अलग शहरों में स्थित मंदिर पहुंच रही है. देश के प्रमुख मंदिरों के फुटेज सामने आए हैं. सावन महीने के के पांचवे सोमवार को पूरे देश से लाखों की तादाद में श्रद्धालु अपने घर से निकलकर अलग-अलग शहरों में स्थित मुख्य मंदिरों का दर्शन करने के लिए जाते हैं. हिंदू धर्म में पूर्णिमा की अहमियत है. श्रावण मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को श्रावण पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस बार यह व्रत 30 अगस्त 2023 को रखा जाएगा. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती पूजा की जाती है. साथ ही इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाता है.
उज्जैन
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन में सावन माह के 5वें सोमवार के मौके पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. मंदिर आए हुए लोगों से जुड़ी फुटेज सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि लोगों की भीड़ दर्शन के लिए पहुंची हुई है.
बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिन्हें शिव का सबसे पवित्र निवास स्थान माना जाता है. यह मध्य प्रदेश के प्राचीन शहर उज्जैन में स्थित है. यह मंदिर पवित्र शिप्रा नदी के किनारे है.
ग्वालियर
अचलेश्वर महादेव मंदिर पश्चिमी राजस्थान के सिरोही जिले में ऋषि वशिष्ठ की तपस्थली माउंटआबू के अचलगढ़ में स्थापित है. इस प्राचीन मंदिर के इतिहास में कई बड़े रहस्य छिपे हुए हैं. कहते हैं कि पौराणिक काल में माउंटआबू के अचलगढ़ में एक गहरी और विशाल ब्रह्म खाई हुआ करती थी. इस गहरी खाई में ऋषि वशिष्ठ की गाय गिर जाती थी. इस समस्या को लेकर ऋषियों ने देवताओं से इस खाई को पाटने की गुहार लगाई, ताकि ऋषि आश्रमों में पल रहीं गाय का जीवन बचाया जा सके.

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