
दिशा रवि के समर्थन में ग्रेटा थनबर्ग ने किया ट्वीट, उठाया मानवाधिकार का मुद्दा
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जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने दिशा रवि का समर्थन करते हुए कहा है कि बोलने की आजादी, लोकतंत्र का मूल हिस्सा होना चाहिए, इसके साथ समझौता नहीं किया जा सकता है.
क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को तीन दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की मांग को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया है. वहीं जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने दिशा रवि का समर्थन करते हुए कहा है कि बोलने की आजादी, लोकतंत्र का मूल हिस्सा होना चाहिए. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ''बोलने की आजादी, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और जनसभा करना मानवाधिकार है. ये किसी भी लोकतंत्र का मूल हिस्सा होना चाहिए.'' Freedom of speech and the right to peaceful protest and assembly are non-negotiable human rights. These must be a fundamental part of any democracy. #StandWithDishaRavi https://t.co/fhM4Cf1jf1 स्वीडन की रहने वाली एक्टिविस्ट ग्रेटा ने Fridays For Future के एक ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए यह बात लिखी है, जिसमें उन्होंने #StandWithDishaRavi हैशटैग किया है. थनबर्ग ने अगस्त 2018 में इस संगठन की स्थापना की थी, जब वह महज 15 साल की थीं.
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