दिल्ली: बाल तस्करी गिरोह चला रहा था प्राइवेट अस्पताल का मालिक, 3 महिलाओं संग गिरफ्तार
AajTak
पुलिस ने अस्पताल के मालिक और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पता चला है कि डॉ संजय मलिक, मधु सैनी और सीमा कुमारी बाल तस्करी का रैकेट चला रहे थे. ये ऐसी लड़कियों की तलाश करते थे, जो गर्भवती हो जाती थीं और बच्चा नहीं चाहती थी.
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में चल रहे एक बड़े बाल तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. जिसमें एक प्राइवेट अस्पताल का मालिक और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. वहीं पुलिस ने एक बच्ची को भी रेस्क्यू किया है, जिसे बेचा जा रहा था.
दरअसल, साउथ रोहिणी की हॉक आई टीम को बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह के बारे में सूचना मिली थी. जिसके आधार पर 29 अगस्त 2022 को जिले की अलग-अलग जगहों पर टीमों को लगाकर जाल बिछाया गया. इस दौरान एक पुलिसकर्मी प्रदीप को बच्चा खरीदने के लिए नि:संतान पिता के रूप में तैनात किया गया.
उनके साथ मुखबीर में मौजूद था. सबसे पहले दो महिलाएं, जिनकी पहचान बाद में मधु सैनी और सीमा कुमारी (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई, वे आईं और मुखबिर व ग्राहक बने पुलिसकर्मी से मिलीं. इसके बाद नवजात शिशु को लेकर रुखसाना नाम की एक महिला (बदला हुआ नाम) और एक व्यक्ति (जहांगीरपुरी स्थित संजय ग्लोबल अस्पातल का मालिक डॉ संजय मलिक) भी वहां आ गए. उन्होंने नकली ग्राहक बने पुलिसकर्मी को बच्ची को दिखाया और उसके जन्म से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए.
फर्जी ग्राहक हेड कांस्टेबल प्रदीप ने बातचीत करते हुए बच्ची का सौदा 1,10,000 रुपये में किया और 10,000 रुपये एडवांस के तौर पर डॉ. संजय मलिक को दे दिए. साथ ही बचे हुए पैसे डिलीवरी पर देने की बात हुई. इसके तुरंत बाद इशारे करते ही मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सभी को पकड़ लिया. पूछताछ में पता चला कि बच्ची रुखसाना की ही थी, जो अविवाहित है. करीब 7 महीने की गर्भवती रुखसाना प्रेमी के छोड़ने पर गर्भपात के लिए संजय ग्लोबल अस्पताल, जहांगीर पुरी, दिल्ली गई थी.
पैसे कमाने का लालच देता था डॉक्टर
पुलिस के मुताबिक डॉ. संजय मलिक ने उसे बच्चे को रखने के लिए राजी किया और प्रसव के बाद बच्चे को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देकर पैसे कमाने का लालच दिया. बच्ची का जन्म 27 जुलाई 2022 को उसके अस्पताल में हुआ था. जिसके बाद डॉ संजय मलिक मधु सैनी और सीमा कुमारी की मदद से एक बच्चे के ग्राहक की तलाश कर रहा था, लेकिन इस बीच ही पुलिस ने उन सभी को रंगे हाथों पकड़ लिया.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






