
दिल्ली: डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट का भंडाफोड, 5 आरोपी गिरफ्तार, चीनी ठगों के लिए करते थे काम
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दिल्ली पुलिस ने एक सिंडिकेट का भंडाफोड दिया है. इस नेटवर्क के चलते झांसी, उत्तर प्रदेश से पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग टेलीग्राम के जरिए एक चीनी कंपनी के लिए म्यूल बैंक अकाउंट की व्यवस्था करते हुए पाए गए, जो क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगे गए पैसे को लूटने में मदद करते थे.
डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस ने एक सिंडिकेट का भंडाफोड दिया है. इस नेटवर्क के चलते झांसी, उत्तर प्रदेश से पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग टेलीग्राम के जरिए एक चीनी कंपनी के लिए म्यूल बैंक अकाउंट की व्यवस्था करते हुए पाए गए, जो क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगे गए पैसे को लूटने में मदद करते थे.
म्यूल बैंक अकाउंट क्या है?
म्यूल बैंक अकाउंट एक वैध बैंक अकाउंट होता है जिसका इस्तेमाल जालसाजों द्वारा अवैध रूप से प्राप्त धन को सीधे खुद को फंसाए बिना ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है. यानी अपराधी किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम पर इन्हें खोलते हैं. साइबर अपराधी या तो नकली पहचान का इस्तेमाल करके ये अकाउंट खुलवाते हैं या फिर अपनी ओर से अकाउंट खोलने के लिए व्यक्तियों (अक्सर अपराध की पूरी सीमा से अनजान) को भर्ती करते हैं. चुराए गए पैसे को ऐसे कई खातों के जरिए भेजा जाता है, जिससे अधिकारियों के लिए स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.
इस मामले में आरोपियों ने चीनी घोटालेबाजों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराए, जिन्होंने उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से प्राप्त धन को इधर-उधर करने के लिए किया. अपराधियों ने पैसे निकाले, उन्हें दूसरे म्यूल अकाउंट में फिर से जमा किया, उन्हें क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदल दिया और उन्हें अपने चीनी संचालकों को ट्रांसफर कर दिया.
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