
'दिन में रेकी, रात में लूट', मोबाइल टावर्स से रेडियो रिसीवर चुराने वाले गैंग का भंडाफोड़, चीन से कनेक्शन
AajTak
नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जिसमें शामिल लोग मोबाइल टॉवर्स से रेडियो रिसीवर चुराया करते थे. यह गिरोह दिल्ली एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कई मोबाइल टावर्स स्टेशनों पर ऐसी चोरियों में शामिल रहा है.
उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) में एक ऐसे गिरोह का पकड़ा गया है, जो मोबाइल टावर्स से रेडियो रिसीवर चुराता था और रिपेयरिंग के बाद मार्केट में नया बताकर बेचता था. नोएडा पुलिस ने गुरुवार को बताया कि एनसीआर में मोबाइल टावर्स से रेडियो रिसीवर यूनिट्स और अन्य वस्तुओं की चोरी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है और इसमें शामिल छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
एजेंसी के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि 12 लाख रुपये की कीमत वाली रेडियो रिसीवर यूनिट्स कबाड़ में बेची गईं. कई यूनिट्स बांग्लादेश, नेपाल और वहां से चीन तक पहुंचीं और वहां से रिपेयर होकर बिल्कुल नए आइटम के रूप में भारतीय मार्केट्स में वापस बेची गईं.
'दिन में रेकी, रात में लूट' पुलिस उपायुक्त (नोएडा) विद्या सागर मिश्रा ने कहा कि एनसीआर में मोबाइल टावरों से वस्तुओं की चोरी की सूचना के आधार पर अपराध प्रतिक्रिया टीम (CRT) और सेक्टर 39 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने गिरोह का भंडाफोड़ किया है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बुधवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनकी दो कारें जब्त की गईं. पूछताछ के दौरान यह सामने आया है कि ये लोग दिन में टावरों की रेकी करते थे और रात में उनसे महंगे उपकरण चुरा लेते थे.
यह भी पढ़ें: आंधी में उड़े टिन शेड, मोबाइल टॉवर भी धराशायी, राजस्थान में बरपा तूफान का कहर!
डीसीपी ने कहा कि बरामद वस्तुओं में से रेडियो रिसीवर सेट हैं, जिनकी कीमत 12 लाख रुपये प्रति सेट है. उनके पास से कुल आठ ऐसे सेट जब्त किए गए हैं. उनके साथ तफ्सील से पूछताछ की जा रही है और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि विशेष रूप से आरोपियों में से एक कमल मौर्य (32) मोबाइल टावर पर काम करता था, जो इस गिरोह का सरगना है.
अधिकारी ने आगे बताया कि यह गिरोह दिल्ली एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कई मोबाइल टावर्स स्टेशनों पर ऐसी चोरियों में शामिल रहा है.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









