
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना का बड़ा ऑपरेशन, हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर टारगेटेड रेड
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इजरायली सेना की 36वीं डिवीजन ने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. एयर और ग्राउंड स्ट्राइक के बाद आतंकियों और उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए टारगेटेड रेड चल रही है.
IDF Raid in Southern Lebanon: दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) की 36वीं डिवीजन की कॉम्बैट टीम को खास मिशन के तहत इलाके में भेजा गया है. इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद हिज्बुल्लाह आतंकवादी संगठन के ठिकानों को खत्म करना और वहां मौजूद आतंकियों को निशाना बनाना है. बताया गया है कि यह एक टारगेटेड रेड है, जिसमें सेना पूरी रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है.
36वीं डिवीजन की ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा इस अभियान के जरिए इलाके में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है. इजरायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है. इस ऑपरेशन में 36वीं डिवीजन के अधीन काम करने वाली डिवीजनल ब्रिगेड की कॉम्बैट टीम को मैदान में उतारा गया है. सेना के विशेष दस्ते दक्षिणी लेबनान के संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर तलाशी अभियान चला रहे हैं. उनका मकसद ऐसी जगहों को ढूंढना है, जहां से हिज्बुल्लाह अपने आतंकी नेटवर्क को संचालित करता है.
ऑपरेशन से पहले जबरदस्त हमला सेना को आशंका है कि इन ठिकानों से इजरायल के खिलाफ हमलों की साजिश रची जा रही थी. इसलिए ऑपरेशन बेहद सावधानी और सैन्य रणनीति के साथ चलाया जा रहा है. सेना की टुकड़ियां अलग-अलग इलाकों में सक्रिय होकर आतंकियों को पकड़ने या खत्म करने की कोशिश कर रही हैं. इजरायली सेना ने इस अभियान की शुरुआत से पहले बड़े पैमाने पर फायरिंग और हमले किए. ऑपरेशन से पहले इलाके में हवाई और जमीनी दोनों तरह से हमला किया गया.
संदिग्ध ठिकानों पर गोलाबारी सेना ने एयर स्ट्राइक के जरिए कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया. वहीं जमीनी तोपखाने से भी भारी गोलाबारी की गई. इस दौरान हिज्बुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों और ठोस ढांचों को तबाह किया गया. सेना का मकसद था कि पहले आतंकी नेटवर्क को कमजोर किया जाए और फिर ग्राउंड फोर्स को आगे बढ़ाया जाए. इसके बाद ही सैनिकों को इलाके में दाखिल कराया गया.
आतंकियों के ठिकानों की तलाश ऑपरेशन के दौरान सेना की टीम इलाके में मौजूद आतंकी ढांचे की तलाश कर रही है. इन ठिकानों में हथियारों के भंडार, बंकर, सुरंगें और कमांड सेंटर शामिल हो सकते हैं. सेना का कहना है कि इन सभी संरचनाओं को चिन्हित कर नष्ट किया जाएगा. इसके अलावा आतंकियों की मौजूदगी वाले इलाकों में भी कार्रवाई की जा रही है.
नागरिकों की सुरक्षा के नाम पर ऑपरेशन सेना के मुताबिक यह ऑपरेशन पूरी तरह टारगेटेड है और इसमें खास तौर पर हिज्बुल्लाह के नेटवर्क को खत्म करने पर फोकस किया गया है. इससे भविष्य में होने वाले संभावित हमलों को रोकने में मदद मिलेगी. इजरायली सेना ने कहा है कि यह ऑपरेशन उत्तरी इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया है. इस कार्रवाई का मकसद सीमा के पास एक मजबूत फॉरवर्ड डिफेंस तैयार करना है.

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